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Chhattisgarh IPS Controversy: यौन उत्पीड़न मामले में यह IPS हुआ सस्पेंड, SI की पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप, ये है पूरा मामला!

Chhattisgarh IPS Controversy: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है. राज्य सरकार ने वरिष्ठ IPS अधिकारी रतन लाल डांगी को निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई तब की गई जब कथित तौर पर उनकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं. यह गौरतलब है कि जिस महिला ने IPS अधिकारी रतन लाल डांगी पर यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है, वह एक सब-इंस्पेक्टर की पत्नी है. महिला ने नवंबर में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद यह मामला सुर्खियों में आया.

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: March 28, 2026 09:13:12 IST

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Chhattisgarh IPS Controversy: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है. राज्य सरकार ने वरिष्ठ IPS अधिकारी रतन लाल डांगी को निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई तब की गई जब कथित तौर पर उनकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं. यह गौरतलब है कि जिस महिला ने IPS अधिकारी रतन लाल डांगी पर यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है, वह एक सब-इंस्पेक्टर की पत्नी है. महिला ने नवंबर में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद यह मामला सुर्खियों में आया.

यह आदेश छत्तीसगढ़ सरकार के गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी किया गया है. एक प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि रतन लाल डांगी का आचरण उनकी आधिकारिक गरिमा के अनुरूप नहीं था. सरकार ने स्वीकार किया कि उनका आचरण सेवा नियमों और नैतिक मानकों के अनुरूप नहीं था.

सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी

सरकारी आदेश में आगे कहा गया है कि उन पर अपने पद के प्रभाव का दुरुपयोग करने और सामाजिक तथा पेशेवर मर्यादाओं का उल्लंघन करने के आरोप हैं. इस मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब उनकी गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बड़े पैमाने पर फैल गईं. इसका पुलिस विभाग की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा. इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की. उनके खिलाफ ‘अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968’ के तहत एक मामला दर्ज किया गया है और विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं.

विभागीय जांच के आदेश

निलंबन की अवधि के दौरान रतन लाल डांगी का मुख्यालय नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय निर्धारित किया गया है. नियमों के अनुसार, इस अवधि के दौरान उन्हें जीवन-निर्वाह भत्ता (subsistence allowance) प्रदान किया जाएगा. इसके अलावा, उन्हें बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय छोड़ने की मनाही है. मुख्यालय नवा रायपुर निर्धारित: सरकार के इस कदम को प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने और पुलिस सेवा की गरिमा को अक्षुण्ण रखने के उद्देश्य से उठाया गया एक सख्त कदम माना जा रहा है. वर्तमान में, इस मामले में विभागीय जांच जारी है.

माता-पिता ने मजदूरी करके पढ़ाया

रतनलाल डांगी का जन्म 1 अगस्त, 1973 को राजस्थान के नागौर ज़िले के मालास गांव में हुआ था. वे एक बहुत ही साधारण परिवार से आते हैं. उनके माता-पिता मजदूर के तौर पर काम करके परिवार का गुजारा करते थे. आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद डांगी ने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी. गांव के सरकारी स्कूल से प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई पिपलाद और परबतसर के स्कूलों से की. बाद में उन्होंने अजमेर स्थित MDS यूनिवर्सिटी से अपनी स्नातक और स्नातकोत्तर, दोनों डिग्रियां हासिल कीं.

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Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: March 28, 2026 09:13:12 IST

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Chhattisgarh IPS Controversy: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है. राज्य सरकार ने वरिष्ठ IPS अधिकारी रतन लाल डांगी को निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई तब की गई जब कथित तौर पर उनकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं. यह गौरतलब है कि जिस महिला ने IPS अधिकारी रतन लाल डांगी पर यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है, वह एक सब-इंस्पेक्टर की पत्नी है. महिला ने नवंबर में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद यह मामला सुर्खियों में आया.

यह आदेश छत्तीसगढ़ सरकार के गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी किया गया है. एक प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि रतन लाल डांगी का आचरण उनकी आधिकारिक गरिमा के अनुरूप नहीं था. सरकार ने स्वीकार किया कि उनका आचरण सेवा नियमों और नैतिक मानकों के अनुरूप नहीं था.

सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी

सरकारी आदेश में आगे कहा गया है कि उन पर अपने पद के प्रभाव का दुरुपयोग करने और सामाजिक तथा पेशेवर मर्यादाओं का उल्लंघन करने के आरोप हैं. इस मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब उनकी गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बड़े पैमाने पर फैल गईं. इसका पुलिस विभाग की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा. इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की. उनके खिलाफ ‘अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968’ के तहत एक मामला दर्ज किया गया है और विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं.

विभागीय जांच के आदेश

निलंबन की अवधि के दौरान रतन लाल डांगी का मुख्यालय नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय निर्धारित किया गया है. नियमों के अनुसार, इस अवधि के दौरान उन्हें जीवन-निर्वाह भत्ता (subsistence allowance) प्रदान किया जाएगा. इसके अलावा, उन्हें बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय छोड़ने की मनाही है. मुख्यालय नवा रायपुर निर्धारित: सरकार के इस कदम को प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने और पुलिस सेवा की गरिमा को अक्षुण्ण रखने के उद्देश्य से उठाया गया एक सख्त कदम माना जा रहा है. वर्तमान में, इस मामले में विभागीय जांच जारी है.

माता-पिता ने मजदूरी करके पढ़ाया

रतनलाल डांगी का जन्म 1 अगस्त, 1973 को राजस्थान के नागौर ज़िले के मालास गांव में हुआ था. वे एक बहुत ही साधारण परिवार से आते हैं. उनके माता-पिता मजदूर के तौर पर काम करके परिवार का गुजारा करते थे. आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद डांगी ने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी. गांव के सरकारी स्कूल से प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई पिपलाद और परबतसर के स्कूलों से की. बाद में उन्होंने अजमेर स्थित MDS यूनिवर्सिटी से अपनी स्नातक और स्नातकोत्तर, दोनों डिग्रियां हासिल कीं.

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