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अश्लील वीडियो मामले में भूपेश बघेल को बड़ा झटका, CBI कोर्ट ने बरी करने का आदेश किया रद्द

CBI Court Verdict: CBI कोर्ट ने शनिवार को पूर्व राज्य मंत्री राजेश मूणत से जुड़े एक कथित अश्लील वीडियो को सर्कुलेट करने के मामले में पूर्व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बरी करने के मजिस्ट्रेट के आदेश को रद्द कर दिया.

Written By: Shristi S
Last Updated: January 24, 2026 23:14:36 IST

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Bhupesh Baghel Case Update: स्पेशल सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) कोर्ट ने शनिवार को 2017 में पूर्व राज्य मंत्री राजेश मूणत से जुड़े एक कथित अश्लील वीडियो को सर्कुलेट करने के मामले में पूर्व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बरी करने के मजिस्ट्रेट के आदेश को रद्द कर दिया. बघेल को इस मामले में ट्रायल का सामना करना पड़ेगा, जब तक कि उन्हें किसी ऊपरी अदालत से राहत नहीं मिल जाती. CBI ने इस मामले में अपनी चार्जशीट में बघेल को आरोपियों में से एक के रूप में नामजद किया था.

क्या है पूरा मामला?

यह मामला दो मामलों से जुड़ा है जो छत्तीसगढ़ पुलिस ने 2017 में मूणत और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता प्रकाश बजाज की शिकायतों के आधार पर दर्ज किए थे. बाद में ये मामले CBI को ट्रांसफर कर दिए गए थे. अपनी शिकायत में, बजाज ने कहा कि उन्हें एक अनजान व्यक्ति का फोन आया, जिसने दावा किया कि उसके पास उनके “आका (मालिक)” का एक पोर्नोग्राफिक वीडियो है. उन्होंने आगे कहा कि उस व्यक्ति ने फिरौती की मांग की और मांग पूरी न होने पर वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी दी. पहला मामला बजाज की शिकायत पर दर्ज किया गया था.

दूसरा मामला बघेल, जो उस समय छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रमुख थे, और विनोद वर्मा के खिलाफ मूणत का कथित फर्जी पोर्नोग्राफिक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सर्कुलेट करके उनकी छवि खराब करने और राजनीतिक फायदा उठाने के आरोप में दर्ज किया गया था। बघेल और वर्मा ने इन आरोपों से इनकार किया था. वर्मा को अक्टूबर 2017 में ब्लैकमेल और जबरन वसूली के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था. उन्होंने दावा किया कि उन्हें फंसाया जा रहा है, और आरोप लगाया कि राज्य सरकार मूणत की कथित “सेक्स सीडी” को लेकर उन्हें निशाना बना रही है. मूणत ने हमेशा कहा है कि वीडियो फर्जी था और उन्हें बदनाम करने की साजिश का हिस्सा था.

बघेल के वकील ने क्या कहा?

बघेल के वकील फैजल रिजवी ने कहा कि CBI की सेशंस कोर्ट ने शनिवार को निचली अदालत के फैसले को रद्द कर दिया है और अब बघेल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 469 और 471 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67(2) के तहत ट्रायल चलाया जाएगा. इसी कार्यवाही में, स्पेशल कोर्ट ने अन्य आरोपियों कैलाश मुरारका, पत्रकार विनोद वर्मा और विजय भाटिया की अपीलों को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने ट्रायल कोर्ट द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय करने के फैसले को चुनौती दी थी.

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