दिल्ली से मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जाने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है. दिल्ली के दो मेगा एक्सप्रेस वे दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-देहरादून पूरी तरह से बनकर तैयार होने वाले हैं.
हर साल त्योहार या वीकेंड में जब भीड़ ज्यादा होती है और ट्रेन में रिजर्वेशन नहीं मिलता ऐसे में ये एक्सप्रेस वे लोगों के लिए बड़ी राहत का काम करेंगे. ये प्रोजेक्ट यात्रियों को बड़ी राहत देंगे और सड़क यात्राओं को और बेहतर बनाएंगे.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का विवरण
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा निर्मित 212 किलोमीटर लंबा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे लगभग पूरा हो चुका है. इस साल होली के बाद इस एक्सप्रेस-वे के जनता के लिए खुलने की उम्मीद है. इस कॉरिडोर पर एक परीक्षण रन पहले ही किया जा चुका है. बता दें कि यह ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होता है और खेकरा, शामली और सहारनपुर से होते हुए देहरादून पहुंचता है. इस एक्सप्रेस वे के निर्माण से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के यात्रियों को लाभ पहुंचने के साथ-साथ, दिल्ली के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों के निवासियों की कनेक्टिविटी में भी काफी आसानी होगी.
चालू होने के बाद यह नया मार्ग दिल्ली से उत्तर प्रदेश सीमा तक पहुंच को काफी तेज बना देगा. पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के साथ-साथ नोएडा से आने-जाने वाले लोग लगभग 15 मिनट में यूपी सीमा तक पहुंच सकेंगे.
अंतिम चरण में है दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट
देश की सबसे बड़ी अवसंरचना परियोजना, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भी काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. 8 लेन वाला यह कॉरिडोर लगभग 1,350 किलोमीटर लंबा है. गुजरात में, विशेष रूप से वडोदरा और विरार के बीच, निर्माण कार्यों में देरी की वजह से इस एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य थोड़ा धीमा हो गया था. इस एक्सप्रेस वे के पूरी तरह से चालू होने के बाद दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा का समय घटकर लगभग 12-13 घंटे हो जाएगा, जिससे यातायात की भीड़ कम होगी.
यात्रियों को होगा फायदा
इन एक्सप्रेस वे के चालू होने के बाद ट्रैवलर्स को घंटों के ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी साथ ही लोगों के ईंधन की भी बचत होगी. कनेक्टिविटी बढ़ने से दिल्ली से मुंबई सफर 12 घंटे हो जाएगा, जोकि पहले 24 घंटे था. साथ ही टोल चार्जेस और स्पीड लिमिट्स लागू होंगी. ये एक्सप्रेस वे भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति का हिस्सा हैं. ये सभी प्रोजेक्ट दिल्ली-NCR को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ेंगे और यात्रा समय कम करेंगे.