Delhi Name Change: दिल्ली के चांदनी चौक से भाजपा सांसद एवं कन्फ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने पर विचार करने का आग्रह किया है. इस पूरे मामले को लेकर उनका कहना है कि ऐसा कदम भारत की राजधानी की ऐतिहासिक और सभ्यतागत पहचान को पुनर्स्थापित करेगा.
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि दिल्ली में किसी उपयुक्त स्थान पर संभवतः पुराना किला में पांडवों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएं, जिससे दिल्ली की प्राचीन सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को पुनर्जीवित किया जा सके.
खंडेलवाल ने लिखा पत्र
खंडेलवाल ने एक अलग पत्र में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से भी अनुरोध किया है कि दिल्ली विधानसभा में दिल्ली का नाम ‘इंद्रप्रस्थ’ करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया जाए. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे एक पत्र में खंडेलवाल ने कहा कि भारत विश्व की सबसे प्राचीन जीवित सभ्यताओं में से एक है और उसकी राष्ट्रीय राजधानी का नाम भी उसके गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करना चाहिए.
Delhi Water Supply: दिल्ली के इन इलाकों में 25-27 फरवरी तक नहीं आएगा पानी, दिल्ली जल बोर्ड ने जारी किया बयान
बीजेपी सांसद ने और क्या-क्या कहा?
बीजेपी सांसद ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि पुरातत्व सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा पुराना किला में की गई खुदाई में लगभग 1000 ईसा पूर्व के प्राचीन बसावट के प्रमाण मिले हैं. उन्होंने आगे बताया कि पुरातत्व सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा पुराना किला में की गई खुदाई में लगभग 1000 ईसा पूर्व के प्राचीन बसावट के प्रमाण मिले हैं, जिनमें पेंटेड ग्रे वेयर (PGW) संस्कृति के अवशेष भी शामिल हैं, जिन्हें महाभारत काल से जोड़ा जाता है. उनके अनुसार ये खोजें इस ऐतिहासिक धारणा को मजबूत करती हैं कि प्राचीन इंद्रप्रस्थ इसी स्थान पर स्थित था जहां आज दिल्ली है.
क्या है इंद्रप्रस्थ का इतिहास?
इंद्रप्रस्थ का इतिहास काफी पुराना रहा है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महाभारत में इंद्रप्रस्थ यमुना नदी के तट पर स्थित था. बताया जाता है कि वर्तमान दिल्ली ही प्राचीन इंद्रप्रस्थ का स्थल है, जो पांडवों द्वारा स्थापित भव्य राजधानी थी. जिसके बारे में महाकाव्य महाभारत में वर्णित है. इसके अलावा अगर इसके अर्थ की बात करें तो इंद्रप्रस्थ का अर्थ ‘खांडव वन जलाकर बसाई जाने वाली पांडवों की राजधानी’ है.