Ruchi Tiwari Case: दिल्ली यूनिवर्सिटी में यूजीसी के समर्थन में हो रहे प्रर्दशन के दौरान महिला पत्रकार रुचि तिवारी पर हुए कथित हमले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब उनका बयान सामने आया है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह प्रोटेस्ट कवर करने पहुंचीं तो भीड़ ने उन्हें घेर लिया और उनका नाम और जाति पूछने के बाद उन पर हमला कर दिया. रुचि ने इसे सुनियोजित हमला बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.
दरअसल, पूरा मामला यह है कि कल यूजीसी के समर्थन में हो रहे प्रोटेस्ट के दौरान कहासुनी हो गई थी. पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
रुचि तिवारी ने लगाए गंभीर आरोप
इस पूरे मामले पर रुचि तिवारी ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि मैं एक पत्रकार हूं जो प्रदर्शन कवर करने वहां गई थी. मीडिया वालों में से एक ने मेरा ध्यान खींचने के लिए मेरा नाम पुकारा. मैं उनके पास गई फिर उन्होंने मेरा पूरा नाम और जाति पूछी. उन्होंने कुछ लोगों की ओर इशारा किया और पूरी भीड़ मेरी ओर आई और मुझ पर हमला कर दिया. रुचि तिवारी ने आगे कहा कि वीडियो में यह साफ है. करीब 500 लोगों ने मुझ पर हमला किया. उनके पास सिर्फ झूठे दावे और झूठे आरोप हैं. मेरे आस-पास की लड़कियों ने मेरे कान में रेप की धमकी दी क्योंकि मैं ब्राह्मण हूं.
#WATCH | Delhi: Ruchi Tiwari, the woman journalist who was seen being attacked during a pro-UGC protest at Delhi University yesterday, says, “…Video is everywhere, people can judge by themselves as to who provoked whom…I am a journalist, who was there to cover the protest.… pic.twitter.com/t5pT3PtNP2
— ANI (@ANI) February 14, 2026
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वे मुझे सबक सिखाएंगे: रुचि तिवारी
इसके अलावा, उन्होंने आगे अपनी बात रखते हुए कहा कि मेरे आस-पास के आदमी कह रहे थे कि वे मुझे सबक सिखाएंगे. लड़कियों ने मुझे हाथ और गर्दन से पकड़ा हुआ था. यह मर्डर की कोशिश थी. मैं बेहोश हो गई, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया… वे यूजीसी के गुंडे थे. वे स्टूडेंट नहीं हो सकते. मुझ पर मेरी जाति की वजह से हमला हुआ. किसी ने मेरा साथ नहीं दिया. सिर्फ कुछ लॉ फैकल्टी मेंबर्स ने इंसानियत दिखाई और उनकी मदद और कुछ महिला पुलिस अधिकारियों की मदद से मैं बाहर निकल पाई. FIR दर्ज हो गई है और मुझे कानून पर भरोसा है. यह घटना लगभग आधे घंटे तक चली. मॉब लिंचिंग हुई. मैं किसी तरह बच निकली, जो मेरे लिए बहुत बड़ी बात है.