Live
Search
Home > राज्य > दिल्ली > 75 साल की उम्र में पत्नी के इलाज के लिए 300 किमी का संघर्ष: पति की दिल छू लेने वाली कहानी

75 साल की उम्र में पत्नी के इलाज के लिए 300 किमी का संघर्ष: पति की दिल छू लेने वाली कहानी

Heartwarming Story: सच्चे विवाह को परिभाषित करते बिना किसी सहारे के 75 वर्षीय पति ने पत्नी को साइकिल से अस्पताल पहुंचाया. पत्नी के इलाज के लिए बुजुर्ग का असाधारण संघर्ष की कहानी

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: February 17, 2026 17:08:41 IST

Mobile Ads 1x1
Heartwarming Story: कहते हैं शादी सिर्फ साथ रहने का नाम नहीं, बल्कि हर मुश्किल में एक-दूसरे का हाथ थामने का वादा भी है. इसी वादे को निभाते हुए 75 वर्षीय एक बुजुर्ग ने अपनी पत्नी के साथ 300 किलोमीटर की साइकिल यात्रा पूरी की है. उम्र के इस पड़ाव पर किया गया यह सफर सिर्फ दूरी तय करना नहीं था, बल्कि रिश्ते की गहराई और समर्पण का उदाहरण बना है.
 
ओडिशा के एक लंबे राजमार्ग पर , एक बुजुर्ग व्यक्ति अपनी लकवाग्रस्त पत्नी को एक रिक्शा साइकिल पर बिठाकर दिन-रात आगे बढ़ता है. न कोई कैमरा था, न ही कोई बड़ा प्लान, बस धैर्य और समर्पण की भावना थी. इंस्टाग्राम अकाउंट officialhumansofbombay द्वारा साझा की गई सुर्खियों में ला दियाआ गई है. आइए जानते हैं, आखिर क्यों 75 वर्षीय व्यक्ति को तमाम मुश्किलों के बावजूद 300 किलोमीटर की यात्रा करने के लिए बाध्य होना पड़ा.
बाबू लोहार एक साधारण जीवन जीने वाले व्यक्ति हैं. अपने गाँव के कई लोगों की तरह, उनका दिन भी सरल और नियमित था, जो नियमित काम और घर की जिम्मेदारियों में चल रहा था. लेकिन सब कुछ तब बदल गया जब उनकी 70 वर्षीय पत्नी ज्योति को लकवा मार दिया.
 
अचानक बीमारी ने उनकी दुनिया को रातोंरात बदल दिया. उनकी पत्नी ज्योति अब स्वयं से चल-फिर नहीं सकती थी, और बिना सहायता के रोजमर्रा के काम करना संभव नहीं हो पा रहा था. इलाज की तत्काल आवश्यकता थी, लेकिन उस तक पहुँच पाना अत्यंत कठिन था.
 
स्थानीय डॉक्टरों ने बताया की उन्हें लगभग 300 किलोमीटर दूर कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में विशेष उपचार की आवश्यकता है, वहां जाना होगा.
 
बाबू के पास इनमें से कोई भी विकल्प मौजूद नहीं था. न ही उनके पास कोई आर्थिक सहायता थी और न परिवार था जो मदद कर सके. ऐसे में उन्होंने हार नहीं मानी.
 
दृढ़ निश्चय के साथ बाबू ने हर संभव प्रयास करने का निश्चय किया. अपनी साइकिल रिक्शा को अस्थायी एम्बुलेंस में बदल दिया, जो उनकी असाधारण सूझबूझ का प्रमाण था. उनके वाहन में पुराने, घिसे-पिटे कुशन करीने से लगाए गए थे, ताकि ज्योति आपातकालीन यात्रा के दौरान आराम से लेट सके. 75 साल में, अधिकांश लोग इतनी शारीरिक रूप से कठिन यात्रा करने से पहले सोचते हैं, लेकिन यह फैसला तय था.
बाबू बिना थके राजमार्गों और ग्रामीण इलाकों से होते हुए लगातार साइकिल चलाते रहे. जब बुजुर्ग अंततः एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पहुंचे, तब तक यह यात्रा स्वयं ही बहुत बड़ी प्रमाण बन चुकी थी.

MORE NEWS

Home > राज्य > दिल्ली > 75 साल की उम्र में पत्नी के इलाज के लिए 300 किमी का संघर्ष: पति की दिल छू लेने वाली कहानी

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: February 17, 2026 17:08:41 IST

Mobile Ads 1x1

MORE NEWS