Abhishek Manu Singhvi Net Worth: वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंहवी ने तेलंगाना से राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है. यहां वो चुनावी हलफनामे में लगभग 2,558 करोड़ रुपये के संयुक्त संपत्ति घोषित की है. रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष दायर हलफनामे में सिंहवी ने अपनी पत्नी और संयुक्त परिवार द्वारा धारित संपत्तियों का खुलासा किया गया है. साथ ही आय, देनदारियों और अन्य वित्तीय हितों के बारे में भी बताया गया है.
2020-21 में 158 करोड़ रुपये संपत्ति
हलफनामे के अनुसार, सिंहवी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 374 करोड़ रुपये से अधिक की आय बताई है. पिछले साल में उनकी घोषित आय 2023-24 में 333 करोड़ रुपये से अधिक थी और 2022-23 में 359 करोड़ रुपये थी. और पहले की बात करें तो 2021-22 में 290 करोड़ रुपये और 2020-21 में 158 करोड़ रुपये थी. हलफनामे में सिंहवी और उनके परिवार द्वारा चल और अचल संपत्तियों का विस्तृत विवरण दिया गया है.
कलाकृतियों और चित्रों का मूल्य 25 करोड़ से ज्यादा
इस विवरण में बैंक जमा, शेयरों और म्यूचुअल फंडों में निवेश, ऋण और अग्रिम, वाहन, आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुएं शामिल की गई हैं. इसमें सिंहवी के पास मौजूद 2.40 करोड़ रुपये के आभूषण और उनकी पत्नी के पास मौजूद 157.53 करोड़ रुपये के आभूषण लिस्ट में बताया गया हैं. हलफनामे के अनुसार, सिंहवी के स्वामित्व वाली कलाकृतियों और चित्रों का मूल्य 25 करोड़ रुपये से ज्यादा का है.
दिल्ली स्थित आवासीय संपत्तियां भी शामिल
घोषित अचल संपत्तियों में सिंहवी और उनकी पत्नी के स्वामित्व वाली नई दिल्ली स्थित आवासीय संपत्तियां भी शामिल की गई हैं. हलफनामे में विभिन्न वित्तीय निवेशों और अन्य चल संपत्तियों का भी उल्लेख किया गया है जिनकी मात्रा काफी अधिक है.
एयर कंडीशनर से लेकर फर्नीचर-रसोई उपकरण का विवरण
सबसे अच्छी बात यह है कि हलफनामे में अन्य अचल संपत्तियों की श्रेणी के तहत घरेलू और कार्यालय उपकरणों की एक विस्तृत सूची भी शामिल की गई है. इस सूची में एयर कंडीशनर, फर्नीचर, रसोई के उपकरण, कंप्यूटर और अन्य उपकरण जैसी वस्तुएं शामिल हैं, जिसमें एक कंप्यूटर का मूल्यह्रास मूल्य ₹163 भी दर्ज किया गया है.
2014 में आय को कम बताने का आरोप
हालांकि, हलफनामे में यह दर्ज है कि सिंहवी के खिलाफ कोई आपराधिक दोषसिद्धि नहीं हुआ है, लेकिन इसमें आयकर विभाग द्वारा 2014 में आय को कम बताने के आरोप में दायर की गई एक अभियोग शिकायत का खुलासा भी किया गया है. जानकारी के मुताबिक, इस मामले की कार्यवाही दिल्ली की एक अदालत में लंबित पड़ी है और दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा इस पर रोक लगा दी गई है.