Bhajan Clubbing: भारत में युवाओं की पीढ़ी यानी Gen Z अब आध्यात्मिकता को बिल्कुल नए अंदाज में अपना रही है. PM नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ के 130वें एपिसोड में भजव क्लबिंग के बढ़ते चलन पर फोकस किया है.
भजन क्लबिंग की तारीफ करते हुए कहा कि यह आध्यात्मिकता और आधुनिकता को एक साथ जोड़ता है, साथ ही भजनों की पवित्रता को भी बनाए रखता है. भजन क्लबिंग के इस समर्थन से आयोजन की लोकप्रियता और भी बढ़ गई है.
Our Gen-Z is taking to Bhajan Clubbing…it is spirituality and modernity merging beautifully, particularly keeping in mind the sanctity of the Bhajans. #MannKiBaat pic.twitter.com/AIG4K55bOr
— Narendra Modi (@narendramodi) January 25, 2026
Gen Z की स्पिरिचुअल रिवॉल्यूशन
Gen Z की स्पिरिचुअल रिवॉल्यूशन में शांत वातावरण में आनंद, ध्यान, और सामुदायिक भावना है. 2024-25 में भजन क्लबिंग का ट्रेंड बहुत तेजी से बढ़ा है. यह भारतीय युवाओं में मिलेनियल्स के बीच भी काफी लोकप्रिय हो रहा है. जो पारंपरिक नाइटलाइफ के सार्थक विकल्प तलाश रहे हैं.
‘भजन क्लबिंग’ क्या है?
भजन क्लबिंग एक बेहतरीन आध्यात्मिक अनुभव है. इसमें मंदिर या सत्संग की जगह कैफे, कोई रूफटॉप, कहीं स्टूडियो और क्लब जैसे वेन्यू होते हैं. यहां DJ इलेक्ट्रॉनिक बीट्स के साथ “हरे राम”, “हरे कृष्ण”, “शिव तांडव” या अन्य भजनों को रीमिक्स कर प्रस्तुत किए जाते हैं. माहौल में ध्यान, मेडिटेशन और डांस इन तीनों का जुड़ाव देखने को मिलता है.
Our Gen-Z is taking to Bhajan Clubbing…it is spirituality and modernity merging beautifully, particularly keeping in mind the sanctity of the Bhajans. #MannKiBaat pic.twitter.com/AIG4K55bOr
— Narendra Modi (@narendramodi) January 25, 2026
भजन क्लबिंग क्यों पसंद कर रही है?
- भजन क्लबिंग मेंटल पीस और हीलिंग हैं
- ना ड्रेस कोड ना धार्मिक पहचान की बाध्यता नहीं।
- फन और फेथ: म्यूज़िक, डांस और भक्ति का मेल तीनों एक साथ देखने को मिलता है.