Delhi Excise Policy Case: दिल्ली के आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई ने राउज एवेन्यू कोर्ट के उस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तथा कुल 23 आरोपियों को आरोपमुक्त किया गया था. इस याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में 9 मार्च को सुनवाई होगी.
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने दिल्ली उच्च न्यायालय में 974 पृष्ठों की एक पुनरीक्षण याचिका दायर की है.
अपनी पुनरीक्षण याचिका में सीबीआई ने विशेष न्यायाधीश के आदेश पर कड़े सवाल खड़े किए हैं. एजेंसी ने कहा है कि आरोप तय करने के शुरुआती चरण में ही ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों का ऐसा विस्तृत मूल्यांकन किया, मानो पूरा ‘मिनी ट्रायल’ चला लिया गया हो.
सीबीआई ने हाई कोर्ट से इस आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए दलील दी गई है कि कथित व्यापक भ्रष्टाचार से जुड़े इस मामले में रिकॉर्ड पर उपलब्ध ठोस सामग्री की अनदेखी की गई है. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धाराओं के तहत दायर इस याचिका पर अब अदालत को फैसला करना है कि क्या इस घोटाले का ट्रायल फिर से शुरू होगा.
शराब नीति मामला
2021 में, केजरीवाल के नेतृत्व वाली AAP सरकार ने दिल्ली में शराब की बिक्री में सुधार लाने के उद्देश्य से एक आबकारी नीति पेश की थी, जिसमें व्यापार का निजीकरण करना, राज्य के राजस्व में वृद्धि करना और उपभोक्ताओं के अनुभव को बेहतर बनाना शामिल किया गया था. तब दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को आबकारी विभाग की देखरेख का जिम्मा सौंपा गया था.
इसके बाद, जुलाई 2022 में, दिल्ली के मुख्य सचिव ने एक रिपोर्ट में नीति में अनियमितताओं को उजागर किया. इसमें आरोप लगाया गया कि आम आदमी पार्टी के सरकारी अधिकारियों ने रिश्वत ली और कुछ निजी फर्मों और हितधारकों को लाभ पहुंचाने के लिए लाइसेंस शुल्क माफ किया.