CBI Arrests Inspector: CBI ने मंगलवार को अपने ही इंस्पेक्टर Deepak Phalswal (दीपक फलस्वाल) के खिलाफ एंटी-करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज किया. उन पर कथित तौर पर आरोप है कि उन्होंने मैदानगढ़ी इलाके में एक युवक को CBI केस की धमकी देकर उससे पैसे ऐंठे. CBI की एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) इस मामले की जांच कर रही है. मैदानगढ़ी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसे DCP (साउथ) अनंत मित्तल ने CBI को भेज दिया था.
शिकायतकर्ता शुभम मिश्रा (24) ने अपने बयान में कहा कि 22 जनवरी 2026 को एक आदमी महाबलीपुरम, भाटी कलां में उनके फार्महाउस पर आया. उसने खुद को CBI इंस्पेक्टर दीपक फलसवाल बताकर एक शिकायत के सिलसिले में लोधी रोड पर CBI ऑफिस में पेश होने को कहा.
2 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंस्पेक्टर ने केस निपटाने के नाम पर 2 करोड़ रुपए के रिश्वत की मांग की. जब उसने इतनी बड़ी रकम देने से मना कर दिया, तो आरोपियों ने उसे धमकाया और ज़बरदस्ती 50,000 रुपए ले लिए. पीड़ित ने बताया कि उन्होंने हर महीने 75,000 की भी मांग की थी. पीड़ित का आरोप है कि आरोपी लगातार फेसटाइम कॉल के ज़रिए उससे संपर्क करते थे. ट्रैक होने के डर से सीधे कॉल न करने की चेतावनी देते थे. शक होने पर उसने अपने फोन में आरोपियों के साथ हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग कर ली, जो उसने पुलिस को दे दी.
क्या वह इंस्पेक्टर के कहने पर पैसे लेने आया था?
9 मार्च को शाम करीब 6:00 बजे शुभम ने पुलिस को बताया कि एक युवक आरोपियों की तरफ से पैसे लेने के लिए फार्महाउस पर आया था. जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो उन्हें वसंत कुंज के किशनगढ़ गांव का लॉ स्टूडेंट राजा मिला. पूछताछ में राजा ने बताया कि वह इंस्पेक्टर दीपक के कहने पर पैसे लेने आया था. फिलहाल, आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया. यहां से उसे दो दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा गया है. उसके पास से कुछ दस्तावेज भी पुलिस ने जब्त किए. आगे की जांच जारी है.
करप्शन पर CBI सख्त
CBI लगातार करप्शन के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपना रही है. जांच एजेंसी लगातार बड़े अधिकारियों पर अपनी पकड़ मजबूत कर रही है. पंजाब में करप्शन-फ्री गवर्नेंस की अपनी पॉलिसी के तहत CBI ने रोपड़ रेंज के DIG हरचरण सिंह भुल्लर के ठिकानों पर छापा मारा और उन्हें रिश्वत के एक मामले में हिरासत में लिया.
इस बीच, मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस में तैनात एक लेफ्टिनेंट कर्नल को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया, उसके पास से करोड़ों रुपये कैश बरामद हुए. इसे सरकार की करप्शन के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत सज़ा देने वाली कार्रवाई बताया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ किया है कि करप्शन के खिलाफ लड़ाई एक मिशन है और जांच एजेंसियों को करप्ट लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की पूरी आजादी दी गई है.