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Father Arrested POCSO Delhi: दिल्ली के बुराड़ी में रिश्तों को तार-तार कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें पिता-बेटी के रिश्तों पर सवाल खड़ा कर दिया है. एक 21 साल की बेटी ने अपने ही पिता की राक्षसी क्रूरता का पर्दाफ़ाश किया है, और यह सुनिश्चित किया है कि उसे सलाखों के पीछे डाला जाए.
पीड़िता, जिसे 10 सालों तक यौन शोषण का शिकार होना पड़ा ने अपने आरोपी पिता के खिलाफ खुद ही ऐसे पुख्ता वीडियो सबूत जुटाए, जिन्हें नकारा नहीं जा सकता. इसके बाद, पुलिस ने पिता को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ बलात्कार तथा POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया.
क्या है पूरा मामला?
FIR के अनुसार, पीड़िता, जिसकी पहचान रंजना (बदला हुआ नाम) के रूप में हुई है फिलहाल जापानी भाषा की पढ़ाई कर रही है. उसके पिता पेशे से एक ठेकेदार हैं. यह परिवार बुराड़ी इलाके में रहता है. रंजना अपने माता-पिता की इकलौती संतान है. उसका यह भयानक दौर तब शुरू हुआ, जब वह महज़ 11 साल की थी. जनवरी 2015 में, उसके पिता ने पहली बार उसके साथ बलात्कार किया. उस समय, पीड़िता की मां गांव गई हुई थीं, और वह घर पर अपने पिता के साथ अकेली थी. अपनी कम उम्र और अत्यधिक डर के कारण, वह लंबे समय तक इस भयानक सच्चाई के बारे में किसी को कुछ भी बता नहीं पाई.
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मां ने धमकी दे चुप करा दिया
रंजना ने बताया कि जैसे-जैसे वह बड़ी होती गई, उसे इस घिनौने कृत्य के प्रति गहरी नफरत महसूस होने लगी. गहरे अवसाद (डिप्रेशन) में डूबकर, उसने आत्महत्या का प्रयास भी किया, हालांकि वह इसमें सफल नहीं हो पाई. 16 साल की उम्र में, उसने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को सब कुछ बता दिया; लेकिन, अपनी बेटी पर विश्वास करने के बजाय, उसकी मां ने उसे बस चुप करा दिया.
2018 में, जब रंजना मनोवैज्ञानिक परामर्श के लिए बिलासपुर स्थित AIIMS गई, तो उसने वहां के डॉक्टर को अपनी आपबीती सुनाई. जब डॉक्टर ने रंजना की मां को इस स्थिति के बारे में बताया, तो मां ने अपनी बेटी को घंटों तक एक कमरे में बंद रखा और उसे धमकियां दीं. भारी दबाव और डर के चलते, रंजना को डॉक्टर से झूठ बोलने पर मजबूर होना पड़ा; उसने दावा किया कि वह मानसिक भ्रम के कारण अपने पिता पर आरोप लगा रही थी.
कैसे बेटी ने पिता के कुकर्मों का किया पर्दाफ़ाश
परिवार वालों की धमकियों और अपने दोस्तों को मुसीबत में फंसाने के डर के बावजूद, रंजना ने हार नहीं मानी. उसने कानूनी कार्रवाई करने का फ़ैसला किया, लेकिन ऐसा करने के लिए उसे पक्के सबूतों की ज़रूरत थी. रंजना ने अपने कमरे में सोते समय अपने मोबाइल फ़ोन के कैमरे से चुपके से अपने आस-पास की चीज़ों को रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया. लगभग एक साल की लगातार कोशिशों के बाद, उसने कई वीडियो क्लिप जमा कर लिए थे, जिनमें उसके पिता के घिनौने काम रिकॉर्ड थे.
आरोपी पिता गिरफ़्तार
अप्रैल में, रंजना ने अपनी एक दोस्त को अपने साथ हुई पूरी आपबीती सुनाई, और अपनी दोस्त के घर से पुलिस को फ़ोन किया. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रंजना का मेडिकल चेकअप करवाया और उसका बयान रिकॉर्ड किया. रंजना द्वारा दिए गए डिजिटल सबूतों के आधार पर, पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ़्तार कर लिया. पुलिस अब इस मामले में रंजना की मां की भूमिका की भी पूरी जांच कर रही है, खास तौर पर यह पता लगाने के लिए कि क्या वह बस चुपचाप खड़ी देखती रही या इस अपराध में अपने पति की साथी बनी.