Delhi Fake ED Raid: दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके में एक बुज़ुर्ग आर्किटेक्ट के घर पर ED की कथित रेड का पुलिस ने पर्दाफ़ाश कर दिया है. जांच में पता चला कि यह रेड पूरी तरह से नकली थी और लूट के इरादे से प्लान की गई थी. पुलिस के मुताबिक, हाउसकीपर ने पूरी साज़िश रची थी. 24 फरवरी, 2026 को न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस स्टेशन ने शिकायत दर्ज की और जांच शुरू की. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें पूरा मामला.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, 11 फरवरी, 2026 को पुलिस की वर्दी में तीन आदमी 86 साल के रिटायर्ड सीनियर आर्किटेक्ट आर.सी. सभरवाल के घर पहुंचे. उन्होंने खुद को एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) के ऑफिसर बताया और परिवार को रेड मारने की धमकी दी. आरोपियों ने परिवार के मोबाइल फोन जब्त कर लिए और तलाशी ली. तभी पीड़ित के पोते को शक हुआ. मामला बढ़ता देख, आरोपी लगभग 34 लाख कैश और सात महंगी घड़ियां लेकर मौके से भाग गए.
पुलिस ने 350 CCTV की फुटेज खंगाली
केस को सुलझाने के लिए, पुलिस ने लगभग 350 CCTV कैमरों की फुटेज को देखते हुए पूरी टेक्निकल जांच की. D-ब्लॉक में प्राइवेट कैमरों, दिल्ली पुलिस कैमरों और ट्रैफिक कैमरों की रिकॉर्डिंग को मिलाकर, आरोपी की गाड़ी के पूरे रास्ते को फिर से बनाया गया. फुटेज में कार सराय काले खां से गाजियाबाद बॉर्डर पार करती हुई और फिर वैशाली के सेक्टर 4 में पार्क होती हुई दिखी.
आरोपी कैसे पकड़े गए?
मोबाइल टावर डंप डेटा और IMEI ट्रैकिंग का इस्तेमाल करके, घटनास्थल और वैशाली पार्किंग लॉट दोनों पर एक्टिव मोबाइल नंबरों की पहचान की गई. जांच सीधे गाजियाबाद में पूजा राजपूत के घर तक पहुंची. लोकल जानकारी से यह भी पता चला कि पीड़ित परिवार की नौकरानी, रेखा देवी, अक्सर उसी पते पर जाती थी. इससे पूरी साज़िश की पुष्टि हो गई.
नकली यूनिफ़ॉर्म और ID कार्ड मिले
25 फरवरी को, पुलिस ने पूजा राजपूत के घर पर छापा मारा. उन्हें ITBP के डिप्टी कमांडेंट की पूरी यूनिफ़ॉर्म, एक नकली ID कार्ड, एक वायरलेस सेट बॉक्स (असली छापे का दिखावा करने के लिए), सात चोरी की लग्ज़री घड़ियाँ और गहने मिले. इन सबूतों से यह साफ हो गया कि पूरी घटना एक सोची-समझी साज़िश थी.
पुलिस ने नौकरानी, 40 साल की रेखा देवी और उसकी ननद, 45 साल की पूजा राजपूत को गिरफ़्तार कर लिया है. इस मामले में तीन और आरोपी अभी भी फ़रार हैं: ITBP के मौजूदा कांस्टेबल प्रकाश और मनीष, और रिटायर्ड आर्मी सैनिक उपदेश सिंह थापा. जुर्म में इस्तेमाल की गई बलेनो कार उपदेश सिंह थापा के नाम पर रजिस्टर्ड है.