Delhi High Court: दिल्ली उच्च न्यायालय ने एमसीडी को भीड़भाड़ वाले आनंद विहार आईएसबीटी क्षेत्र से सभी फेरीवालों और विक्रेताओं को हटाने का निर्देश दिया है. अदालत ने केवल 105 पात्र विक्रेताओं को स्थायी ढाँचे के बिना सख्त शर्तों के तहत मोबाइल कार्ट के माध्यम से संचालन करने की अनुमति दी है.
कोर्ट ने MCD को आदेश दिया है कि संबंधित क्षेत्र के SHO या DCP के साथ मिलकर सभी विक्रेताओं को हटाने के लिए उचित कदम उठाया जाए. हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि वेंडर्स या विक्रेताओं को अपना सामान हटाने के लिए कम से कम 5-6 दिन का पर्याप्त समय दिया जाएगा.
कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने पाया कि विक्रेताओं ने पैदल मार्गों पर अतिक्रमण कर लिया है, जिससे भीषण भीड़भाड़ हो रही है. इस मामले में अदालत न कहा कि कोई भी व्यक्ति इन वेंड्स को हटाने में रुकावट या बाधा नहीं डालेगा. इस तरह हटाने के बाद पहचाने गए वेंडर्स को MCD के असिस्टेंट कमिश्नर से संपर्क करने की इजाजत दी जाएगी, जो 105 पहचाने गए वेंडर्स को बताएंगे कि वे इलाके में अपनी गाड़ियां और वेंड्स किस तरह लगा सकते हैं, जो उन्हें जारी किए गए प्रोविजनल COV में बताई गई शर्तों के मुताबिक होगा
इलाके की सुंदर और सुविधाओं के लिए उचित प्लान करें
कोर्ट ने एमसीडी को आगे यह आदेश दिया कि क्षेत्र का सौंदर्यीकरण करें और यात्रियों के उतरने के लिए एक सर्विस रोड बनाएं. वह एक आर्किटेक्ट की मदद से इलाके को सुंदर बनाने और खाने-पीने की दुकानों, सैनिटेशन सुविधाओं और कुछ दुकानों के लिए सही जगह तय करने के लिए एक उचित प्लान तैयार करे.