भारत यात्रा पर आई एक अमेरिकी महिला के साथ दिल्ली मेट्रो में यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है. इस घटना का खुलासा भारतीय मूल के प्रोफेसर Gaurav Sabnis ने सोशल मीडिया के माध्यम से किया, जिन्होंने पीड़िता की अनुमति से उसका अनुभव साझा किया.
गौरव सबनिस, जो अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित Stevens Institute of Technology में प्रोफेसर हैं, उन्होंने बताया कि उनकी एक पूर्व छात्रा भारत में एक दोस्त की शादी में गई थी. भारत आने से पहले ही उन्होंने उसे खास तौर पर दिल्ली में सतर्क रहने की सलाह दी थी क्योंकि विदेशी महिलाओं को अक्सर कड़ी नजर का सामना करना पड़ता है.
सेल्फी के बहाने उत्पीड़न
पीड़िता ने बताया कि भारत पहुंचते ही उसे कई बार अजनबियों द्वारा सेल्फी के लिए रोका गया. उसने अधिकांश पुरुषों को मना किया, जबकि कुछ महिलाओं और बच्चों के साथ तस्वीरें लीं. लेकिन दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर हुआ एक वाकया उसके लिए बेहद डरावना था.
महिला ने बताया कि Delhi Metro में एक किशोर जो अपनी मां और बहन के साथ था, उससे फोटो खिंचवाने का अनुरोध किया. परिजनों को साथ में देखकर उसने हाँ कर दिया। फोटो लेते समय किशोर ने पहले उसके कंधे पर हाथ रखा और फिर अचानक उसकी छाती और स्तन को छू लिया.
परिजनों की चौंकाने वाली प्रतिक्रिया
घटना से आक्रोशित अमेरिकी महिला ने लड़के को पकड़ लिया, लेकिन इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई. आरोप है कि किशोर की मां और बहन ने उसकी हरकत की निंदा करने के बजाय महिला को ही “ज़रूरत से ज़्यादा प्रतिक्रिया” देने के लिए दोषी ठहराया. उन्होंने यह भी तर्क दिया कि लड़के ने पहले कभी किसी गोरी महिला को नहीं देखा था और वह “बहक गया”.
सामाजिक सोच पर सवाल
इस घटना ने न सिर्फ महिला सुरक्षा, बल्कि सामाजिक मानसिकता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी प्रतिक्रियाएं यौन उत्पीड़न को सामान्य बनाने की प्रवृत्ति को दर्शाती हैं, जो किसी भी समाज के लिए खतरनाक है.
गौरव सबनिस ने कहा कि यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि भारत में महिला सुरक्षा को लेकर सिर्फ कानून ही नहीं, बल्कि सामाजिक सोच में भी बदलाव की ज़रूरत है.