Delhi Metro: दिल्ली मेट्रो को दिल्ली की लाइफलाइन कहा जाता है. वहीं अब डीएमआरसी ने पुरानी मेट्रो यानी रेड और ब्लू लाइन की मेट्रो में बदलाव करने की बात कही है. 2002-2007 के बीच दिल्ली मेट्रो में शामिल की गईं ट्रेनें लंबे समय से सेवा दे रही हैं. अब उन ट्रेनों को मिड-लाइफ रिफर्बिशमेंट कार्यक्रम के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है. डीएमआरसी का ये कदम आम यात्रियों के लिए यात्रा को और भी ज्यादा आरामदायक बनाने के लिए किया जा रहा है. इस रिफर्बिशमेंट के तहत ट्रेनों को पहले से ज्यादा सुविधाएं दी जा रही हैं. ट्रेन के अंदरूनी हिस्सों और सिस्टम में अपग्रेड किया जा रहा है.
मेट्रो में किए जाएंगे ये बदलाव
ट्रेनों में नए बदलाव के तहत स्मार्ट इंफॉरमेशन सिस्टम और आधुनिक पैसेंजर अनाउंसमेंट लगाए गए हैं. इसके लिए LCD पर डायनेमिक रूट मैप और डिस्प्ले लगाई जाएंगी. इसके साथ ही मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट्स लगाए गए हैं. इसके अलावा इसमें हुए टूट-फूट को ठीक कर उसे नया लुक दिया जा रहा है. सभी कोचों में फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाए गए हैं.
कितनी ट्रेनों को किया जाएगा अपडेट
जानकारी के अनुसार, डीएमआरसी की रेड और ब्लू लाइनों की कुल 70 ट्रेनों को अपडेट किया जा रहा है. फेज 1 में 12 ट्रेनों को अपग्रेड किया जा चुका है. दूसरे फेज में 18 ट्रेनों का काम पूरा हो चुका है. तीसरे फेज में ब्लू लाइन की 22 ट्रेनों को अपडेट किया जा रहा है. इसका काम नवंबर 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है. बता दें कि डीएमआरसी के इस कार्यक्रम के तहत पुरानी ट्रेनों को नई ट्रेनों की तरह किया जा चुका है.
ब्लू लाइन मेट्रो
दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन द्वारका सेक्टर 21 को नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी और वैशाली से जोड़ती है. ये 56 किलोमीटर लंबा ट्रैक है, जो व्यस्त कॉरिडोर है. इसकी शुरुआत 31 दिसंबर 2005 को हुई थी. इसका उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने किया था.
रेड लाइन मेट्रो
दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन को 25 दिसंबर 2002 को शुरू किया गया था. ये शाहदरा से रिठाला के बीच पहली मेट्रो सेवा थी. ये शुरुआत में 8.4 किलोमीटर यानी शाहदरा से तीस हजारी के बीच चलाया गया था. वर्तमान समय में ये शहीद स्थल (न्यू बस अड्डा) से रिठाला तक चलती हैं, जो 34.4 किलोमीटर से ज्यादा लंबा रूट है.