Imam Alias Sheikh Rahman : देश की राजधानी दिल्ली हमेशा आतंकियों के निशाने पर रहती है. खुफिया एजेंसियां, दिल्ली पुलिस और स्थानीय जांच एजेंसियां इसके मद्देनजर लगातार एक्टिव भी रहती हैं. पिछले साल चांदनी चौक के पास आतंकी हमले में कई लोगों की जान चली गई थी. इस बीच दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम (Delhi Police Special Team) ने एक युवक को हिरासत में लिया है, जो ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर का बताया जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिरासत में लिए गए युवक का नाम इमाम उर्फ शेख इमरान है और वह ओडिशा का रहने वाला है. युवक को दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने भुवनेश्वर से दबोचा है.
इसके बाद हिरासत में लिए गए युवक को भुवनेश्वर की स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से दिल्ली पुलिस को ट्रांजिट रिमांड मिल गया. इसके बाद उसे आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया गया है. फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां मामले के हर पहलू को खंगाल रही हैं.
विदेश कनेक्शन की जांच शुरू
खुफिया एजेंसियों के साथ दिल्ली पुलिस ने भी हिरासत में लिए भुवनेश्वर के युवक इमाम की जांच शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि एजेंसियां युवक की संदिग्ध गतिविधियों और विदेशी कनेक्शन की जांच में जुट गई हैं. प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, युवक की संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों और संभावित विदेशी संपर्कों को लेकर जांच की जा रही है. दरअसल, पिछले दिनों बिहार पुलिस ने अमन तिवारी के साथ 3 युवकों को गिरफ्तार किया है, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हत्या की साजिश रच रहे थे.
आखिर क्यों हुआ शक
इमाम उर्फ शेख रहमान यूनिट-6 और कैपिटल थाना क्षेत्र में चलाए गए संयुक्त अभियान के दौरान पकड़ा गया. बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां पिछले कुछ समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी. सूत्रों के मुताबिक, युवक सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके आपत्तिजनक और संवेदनशील सामग्री संदिग्ध लोगों से साझा कर रहा था. इसके साथ ही व्हाट्सऐप और सिग्नल जैसे प्लेटफॉर्म पर सक्रिय कुछ समूहों से उसके संपर्क के संकेत भी मिले हैं. यहां कथित तौर पर भड़काऊ सामग्री का आदान-प्रदान किया जा रहा था.
युवाओं से पूछताछ में हुए कई खुलासे
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस मामले का खुलासा तब हुआ जब दिल्ली में कुछ अन्य युवाओं से पूछताछ के दौरान डिजिटल डेटा में ओडिशा से जुड़े लिंक सामने आए. इसके बाद भुवनेश्वर (ओडिशा) में कार्रवाई करते हुए युवक को हिरासत में लिया गया. जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह मामला किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, जो ऑनलाइन माध्यमों के जरिए लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक, अभी इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.