Blinkit Delivery Driver: डिलीवरी ब्वॉय से सामान मंगवाना अब बेहद आम हो गया है. मिडिल क्लास से जुड़े लोग भी इसे प्राथमिकता देने लगे हैं. इसका फायदा यह है कि आपको दफ्तर या घर से निकलने की जरूरत नहीं है. सिर्फ एक ऑर्डर पर कुछ देर बाद ही सामान आपके घर पर डिलीवर हो जाता है. यहां बात हो रही है ब्लिंकइट ड्राइवर की. जाने-अनजाने ब्लिंकइट ड्राइवर्स ने पिछले कुछ दौरान कई ऐसे अच्छे काम किए हैं, जिनकी सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है. यह मामला एक साल पुरान है और देश की राजधानी दिल्ली से जुड़ा है. यहां पर एक ब्लिंकइट ड्राइवर की इंसानियत ने दिल्ली की अधिकारी का दिल जीत लिया.
दिल्ली की अधिकारी हुईं भावुक
यह पूरा मामला दिसंबर. 2024. दिल्ली में फिनटेक कंपनी की अधिकारी मोनिका जासूजा की मां को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान जरूरी कागजात मांगे गए. मोनिका के सामने बहुत ज्यादा विकल्प नहीं थे. ऐसे में मोनिका द्वारा ब्लिंकइट से किया गया एक छोटा-सा ऑर्डर एक बड़ी मानवीय कहानी में बदल गया. इसे उन्होंने अब सोशल मीडिया पर शेयर किया है. मोनिका जासूजा ने अपनी मां की बीमा पॉलिसी के प्रिंटआउट अस्पताल तक पहुंचाने के लिए ब्लिंकइट से ऑर्डर किया. सामान्य तौर पर डिलीवरी ब्वॉय सामान देने के बाद चले जाते हैं, लेकिन मोनिका के पास ब्लिंकइट का डिलीवरी बॉय कागजात लेकर पहुंचा, तो उसने सिर्फ खुद को सिर्फ सामान देने तक ही सीमित नहीं रखा. उसने महिला से कहा कि उसे कोई और मदद तो नहीं चाहिए.
सिर्फ सामान लिया और नहीं कहा शुक्रिया
मोनिका जासूजा ने हालिया X पोस्ट में दिसंबर, 2024 की घटना का जिक्र किया है. इसमें उन्होंने लिखा- ‘जब ब्लिंकइट का डिलीवरी बॉय आया, तो उसने मुझे वहीं बाहर आने के लिए कहा. यह अलग बात है कि मैं पहले से ही एक चाय की दुकान के पास खड़ी थी. मौके पर पहुंचे ब्लिंकेइट ब्वॉय ने बेहद शालीनता से पूछा कि कौन भर्ती है और क्या मुझे किसी और चीज़ में मदद चाहिए. इस दौरान उसने कागजात भी सौंपे. उस वक्त मोनिका जासूजा को इमरजेंसी वार्ड में जल्दी जाना था.
दिल्ली की अधिकारी करती हैं आज भी दुआ
ब्लिंकेइट ब्वॉय को मोनिका ने औपचारिकता के साथ कुछ कहा था, लेकिन अब उन्हें याद नहीं. अब अपने ताजा पोस्ट में मोनिका जासूजा ने लिखा-‘एक साल बाद भी वह उस क्षण को नहीं भूल पाईं और जब भी अस्पताल के पास से गुजरती हूं तो ब्लिंकइट ड्राइवर को मन ही मन धन्यवाद देती हूं… और मैं मन ही मन उनके लिए प्रार्थना करती हूं.’
मोनिका ने अपने अनुभव को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए यह भी लिखा है- ‘इसके बाद मेरी धारणा बदल गई. अब तो प्रिंटआउट के लिए मेरी पहली पसंद हमेशा ब्लिंकइट ही है, चाहे कहीं भी हो और कभी भी हो. उन्होंने इसी पोस्ट में आगे लिखा है- ‘उनकी सहानुभूति और चिंता ने मेरे मन पर गहरी छाप छोड़ी है. उनकी उदारता के लिए मैं आभारी हूं.’