पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. एक 31 वर्षीय युवक, जो न केवल एक गारमेंट व्यापारी था बल्कि यूट्यूब पर भी काफी मशहूर था, उसका शव एक खाली पड़े डीडीए (DDA) प्लॉट में मिला है. इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.
कौन थे पुष्पेंद्र उर्फ आकाश?
मंडावली के स्कूल ब्लॉक में रहने वाले पुष्पेंद्र उर्फ़ आकाश एक सफल व्यापारी था. उसने एक छोटी सी दुकान से शुरुआत की थी और आज मंडावली में उसका एक बड़ा शोरूम था यही नहीं वो सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव था उसके करीब 4 लाख सब्सक्राइबर्स थे. वह ऑनलाइन माध्यम से अपने कपड़ों के बिजनेस को प्रमोट भी करता था. उसके परिवार में माता-पिता, भाई, पत्नी और एक तीन साल की मासूम बेटी है.
कैसे शुरू हुआ यह मामला?
दरअसल, आकाश शनिवार को अपने घर से करीब ₹1.5 लाख कैश, सोने की अंगूठी, चेन और अपना आईफोन लेकर निकला था, जिसके बाद से वे घर नहीं लौटा. जब फोन बंद आने लगा, तो परिवार ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में उन्हें ढूंढने में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई. परिजनों का कहना है कि उन्होंने खुद ही तलाश करते हुए आकाश का शव एक खाली प्लॉट में ढूँढा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.
परिवार के गंभीर आरोप और प्रदर्शन
आकाश की मौत के बाद उनके परिवार ने मंडावली थाने के बाहर शव रखकर भारी प्रदर्शन किया. उनके मुख्य आरोप हैं कि परिवार का कहना है कि आकाश के पास मौजूद नगदी और जेवरात गायब हैं. उन्हें शक है कि आकाश को जहर देकर लूटा गया और फिर उनकी हत्या कर दी गई. परिजनों ने आकाश के एक दोस्त पर उंगली उठाई है, जो आखिरी समय में उनके साथ देखा गया था. उनका कहना है कि वह दोस्त वापस तो आया, लेकिन उसने आकाश के बारे में किसी को कुछ नहीं बताया. परिवार का आरोप है कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती, तो शायद नतीजा कुछ और होता.
पुलिस का क्या कहना है?
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल भेज दिया है. फिलहाल पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में शरीर पर चोट या हत्या के सीधे निशान नहीं मिले हैं. पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह (जैसे जहर या प्राकृतिक कारण) साफ हो पाएगी. वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी परिवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाकर शांत कराया है.