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9 लाख के बकाया बिल पर फंसे पूर्व DUSU प्रेसिडेंट रौनक खत्री, DU ने रोकी LLB डिग्री, मामला हाई कोर्ट पहुंचा

पूर्व डूसू अध्यक्ष विवाद: पूर्व DUSU प्रेसिडेंट रौनक खत्री  की LLB डिग्री और मार्कशीट रोक दी गई है.खत्री ने 2024-25 में कैंपस लॉ सेंटर से LLB की पढ़ाई पूरी की और पिछले साल 16 अगस्त को DUSU प्रेसिडेंट का पद छोड़ दिया.

Written By: Shristi S
Last Updated: February 16, 2026 19:28:04 IST

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Ex- DUSU President Controversy: दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) ने DU स्टूडेंट्स यूनियन के पूर्व प्रेसिडेंट रौनक खत्री की LLB डिग्री और मार्कशीट रोक दी है. उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान गेस्टहाउस और केटरिंग के करीब 9 लाख रुपये का बिल नहीं चुकाया. खत्री ने 2024-25 में कैंपस लॉ सेंटर से LLB की पढ़ाई पूरी की और पिछले साल 16 अगस्त को DUSU प्रेसिडेंट का पद छोड़ दिया. इसके बाद, नवंबर और दिसंबर में DUSU ऑफिस ने उन्हें बकाया पेमेंट करने के लिए नोटिस जारी किए.

नोटिस में क्या था?

जानकारी के मुताबिक, 17 नवंबर के एक नोटिस में फरवरी और अगस्त 2025 के बीच की गई बुकिंग के लिए यूनिवर्सिटी गेस्ट हाउस के कुल 1,38,310 रुपये के बिल की लिस्ट थी. अगले दिन, एक और नोटिस में उसी समय की बुकिंग के लिए 7,63,245 रुपये के इंटरनेशनल गेस्ट हाउस और केटरिंग बिल की डिटेल दी गई.

DUSU के स्टाफ एडवाइजर की तरफ से जारी दूसरे नोटिस में खत्री को बताया गया कि जब तक आपकी तरफ से पेंडिंग पेमेंट नहीं किया जाता, तब तक आपको आपकी मार्कशीट या डिग्री जारी नहीं की जाएगी. उसी दिन, स्टाफ एडवाइजर ने एग्जामिनेशन कंट्रोलर को यह भी लिखा कि डिग्री और मार्कशीट जारी करने पर तब तक रोक रहेगी जब तक पेंडिंग पेमेंट क्लियर नहीं हो जाते.

रौनक खत्री ने क्या बताया?

खत्री ने TOI को बताया कि बुकिंग स्टूडेंट यूनियन प्रोग्राम के लिए उनकी ऑफिशियल कैपेसिटी में की गई थी और इसका पेमेंट DUSU फंड से किया जाना था. उन्होंने दावा किया कि ये बुकिंग यूनिवर्सिटी अधिकारियों से परमिशन लेने और स्टाफ एडवाइजर की देखरेख में स्टूडेंट यूनियन एक्टिविटी के लिए की गई थीं. खर्च DUSU फंड से क्लियर किए जाने थे। मुझे पर्सनली जिम्मेदार ठहराना ठीक नहीं है. अपनी डिग्री रोकने को गैर-कानूनी बताते हुए, खत्री ने कहा कि इस कदम से उनके करियर की संभावनाओं पर असर पड़ा है क्योंकि वह अपनी डिग्री के बिना बार काउंसिल में एनरोल नहीं कर सकते थे.

DUSU स्टाफ एडवाइजर सुरेंद्र कुमार ने इंटरनेशनल गेस्ट हाउस की बुकिंग के लिए अप्रूवल देने से इनकार किया. उन्होंने दावा किया कि इंटरनेशनल गेस्ट हाउस DUSU एक्टिविटी के लिए परमिशन वाली जगहों में नहीं आता है, जिसका पेमेंट DUSU फंड से किया जा सकता है. ऐसी बुकिंग के लिए मैंने कोई अप्रूवल नहीं दिया था. नोटिस की टाइमिंग के बारे में उन्होंने कहा कि एक बार गेस्टहाउस ने बिल भेज दिए, जिन्हें वाइस-चांसलर के ऑफिस से क्लियर होना था कि संबंधित ऑफिस बेयरर से रकम वसूलने का ऑर्डर जारी किया गया. खत्री ने यूनिवर्सिटी के एक्शन को दिल्ली हाई कोर्ट में चैलेंज किया है, जिसने DU को नोटिस जारी किया है और मामले की सुनवाई मार्च में तय की है.

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