नोटिस में क्या था?
DUSU के स्टाफ एडवाइजर की तरफ से जारी दूसरे नोटिस में खत्री को बताया गया कि जब तक आपकी तरफ से पेंडिंग पेमेंट नहीं किया जाता, तब तक आपको आपकी मार्कशीट या डिग्री जारी नहीं की जाएगी. उसी दिन, स्टाफ एडवाइजर ने एग्जामिनेशन कंट्रोलर को यह भी लिखा कि डिग्री और मार्कशीट जारी करने पर तब तक रोक रहेगी जब तक पेंडिंग पेमेंट क्लियर नहीं हो जाते.
रौनक खत्री ने क्या बताया?
DUSU स्टाफ एडवाइजर सुरेंद्र कुमार ने इंटरनेशनल गेस्ट हाउस की बुकिंग के लिए अप्रूवल देने से इनकार किया. उन्होंने दावा किया कि इंटरनेशनल गेस्ट हाउस DUSU एक्टिविटी के लिए परमिशन वाली जगहों में नहीं आता है, जिसका पेमेंट DUSU फंड से किया जा सकता है. ऐसी बुकिंग के लिए मैंने कोई अप्रूवल नहीं दिया था. नोटिस की टाइमिंग के बारे में उन्होंने कहा कि एक बार गेस्टहाउस ने बिल भेज दिए, जिन्हें वाइस-चांसलर के ऑफिस से क्लियर होना था कि संबंधित ऑफिस बेयरर से रकम वसूलने का ऑर्डर जारी किया गया. खत्री ने यूनिवर्सिटी के एक्शन को दिल्ली हाई कोर्ट में चैलेंज किया है, जिसने DU को नोटिस जारी किया है और मामले की सुनवाई मार्च में तय की है.