JNU Clash: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) इन दिनों यूनिवर्सिटी के कुलपति शांतिश्री धुलिपुडी पंडित का विरोध कर रहा है. बताया जा रहा है कि कुलपति पर जातिवादी टिप्पणी करने का आरोप है. इसी विरोध प्रदर्शन के लिए ‘समानता मार्च’ का आह्वान किया था. इसी दौरान देर रात छात्रों के दो गुटो में भिड़ंत हो गई. जानकारी के अनुसार लेफ्ट और ABVP छात्रों में मारपीट हुई है, जिससे माहौल काफी तनाव वाला हो गया है.
कब हुई घटना?
सोमवार को देर रात करीब 1:30 बजे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में एक विरोध प्रदर्शन हिंसक हो जाने के बाद तनाव बढ़ गया, जिसमें वामपंथी छात्र संघ (लेफ्ट) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद दोनों ने एक-दूसरे पर हिंसा और पत्थरबाजी का आरोप लगाया. इसके कुछ वीडियोज वायरल हो रहे हैं. यह घटना उस दौरान हुई जब VC के इस्तीफे की मांग को लेकर समता जुलूस निकाला गया था.
ABVP ने लगाया आरोप
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, एबीवीपी के राज्य सचिव विकास पटेल ने दावा किया कि वामपंथी समर्थित समूहों द्वारा लाइब्रेरी में पढ़ रहे छात्रों पर हमला करने के बाद विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया. विकास पटेल ने आरोप लगाया, ‘कई छात्रों को बाथरूम में बंद कर दिया गया था. वामपंथी समर्थित छात्रों ने सभी लाइब्रेरी को बंद करने की मांग की.’ उन्होंने दावा किया कि लाठी और पत्थर लिए नकाबपोश लोगों ने परिसर में हिंसा फैलाई. इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लेफ्ट समूहों के लगभग 250 लोगों की भीड़ ने परिसर में एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला किया.
वीडियो भी किया शेयर
ABVP ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया है. इसमें जेएनयू के स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के छात्र प्रतीक भारद्वाज का एक वीडियो साझा किया गया है. उसने बताया कि स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज परिसर के अंदर वामपंथी गुंडों ने हमला किया. पहले प्रतीक भारद्वाज की आंखों में अग्निशामक पाउडर डाला गया और फिर बेरहमी से पीटा गया. बताया जा रहा है कि इस समय वह अस्पताल में भर्ती है.
Prateek Bhardwaj, a Biotechnology student from the School of Biotechnology, JNU was allegedly ambushed inside the School of Social Sciences premises by Leftist goons. He was first blinded with fire extinguisher powder and then mercilessly beaten. It is further alleged that even a… pic.twitter.com/uHgVTZ05Bu
— ABVP (@ABVPVoice) February 22, 2026
विश्वविद्यालय ने क्या कहा?
JNU विश्वविद्यालय ने कहा, ‘जेएनयू प्रशासन के संज्ञान में आया है कि परिसर के भीतर कई शैक्षणिक भवनों को कथित तौर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के एक समूह ने बंद कर दिया था. प्रदर्शनकारी छात्र केंद्रीय पुस्तकालय में घुस गए और कथित तौर पर अनिच्छुक छात्रों को धमकाया और उन्हें विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मजबूर किया. पता चला है कि इसी वजह से 22 फरवरी की रात परिसर में दो छात्र समूहों के बीच झड़प हुई.’
#JNU प्रशासन का बयान:
JNU कैंपस में 22 फरवरी 2026 की रात हुई घटनाओं की कड़ी निंदा! विरोध करने वाले छात्रों ने कई अकादमिक भवनों को बंद किया, सेंट्रल लाइब्रेरी में घुसकर अनिच्छुक छात्रों को धमकाया और विरोध में शामिल होने के लिए मजबूर किया। इससे दो छात्र समूहों के बीच झड़प हुई।… pic.twitter.com/OK5Top5bgw— Shvetank Rekha Maurya (@imshvetank) February 23, 2026