देश की राजधानी दिल्ली के जनकपुरी (Janakpuri) में एक तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा (E- Rickshaw) को जोरदार टक्कर मार दी. इस हादसे ने एक बार फिर से कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
दिल्ली के जनकपुरी सड़क हादसे में 6 साल की मासूम की दर्दनाक मौत हो गई है.
Delhi Janakpuri Road Accident: देश की राजधानी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में मंगलवार की सुबह एक ऐसी घटना घटी जिसने न केवल एक परिवार को जिंदगी भर का गम दे दिया बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर की गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. दिल्ली के द्वारका में हुए साहिल की मौत से अभी लोगों का गुस्सा कम हुआ नहीं था कि एक और ताजा मामला सामने आ गया. दरअसल, अपनी दादी मर्सी जेवियर के साथ ई-रिक्शा में स्कूल जा रही एक छह साल की मासूम बच्ची को एक अनियंत्रित सफेद कार ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. जानकारी के मुताबिक, यह टक्कर इतनी ज्यादा भयंकर थी कि ई-रिक्शा पलट गया और उसमें सवार तीनों लोग सड़क पर जा गिरे. तो वहीं, बच्ची के सिर और छाती में गंभीर चोटें आई और वह सड़क पर ही खून से लथपथ हो गई.
घटना के बाद का मंजर और भी ज्यादा डराने वाला था. जब घायल दादी अपनी मासूम पोती को गोद में लेकर सड़क पर आने-जाने वाली गाड़ियों से रुकने की सैकड़ों बार मिन्नतें करती रहीं. उन्होंने तीन-चार कारों को हाथ देकर रोकने की कोशिश की ताकि बच्ची को अस्पताल पहुंचाया जा सके, लेकिन किसी ने भी इंसानियत नहीं दिखाने की कोशिश की. यहां तक कि जिस कार चालक ने टक्कर मारी थी, वह हादसे के बाद मौके से फरार हो गया था. आखिरी में एक नर्स और एक राहगीर की मदद से बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान बुधवार को उसने दम तोड़ दिया.
हालांकि, पुलिस जांच में यह सामने आया कि दुर्घटना के समय कार चालक संजीव डबास अपनी पैथोलॉजी लैब में ड्यूटी पर जा रहा था. जहां, पश्चिमी दिल्ली के डीसीपी शरद भास्कर ने इस घटना पर जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी को माजरा डबास इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया और दुर्घटना में शामिल वाहन को भी पूरी तरह से जब्त कर लिया गया है. हालांकि, कानूनी प्रक्रियाओं के तहत आरोपी को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया. तो वहीं, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत लापरवाही से मौत और तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
इस सड़क हादसे ने बच्ची की मां और पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है. जहां, मृतक बच्ची की मां ने इस टना पर कहा कि अगर समय रहते कोई गाड़ी रुक जाती और उसे प्राथमिक इलाज मिल जाता, तो शायद उनकी हंसमुख बेटी आज उनके बीच जिंदा होती.
तो वहीं, दूसरी तरफ पड़ोसियों ने भी बच्ची को याद करते हुए उसे एक बेहद मिलनसार और खुशमिजाज लड़की बताया था. यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सड़क पर तेज रफ्तार न केवल दूसरों के जीवन के लिए खतरा है, बल्कि दुर्घटना के समय ‘तमाशबीन’ बने रहना भी एक नैतिक अपराध की श्रेणी में माना जाता है.
रसोई में खाना बनाते समय बर्तन जल जाना आम बात है. लेकिन इस समस्या का…
Mamata Banerjee 1993 Protest: बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने सही मायनों में एक साहसी…
नासा ने आर्टेमिस II मिशन के दौरान ओरियन कैप्सूल से ली गई पृथ्वी की लुभावनी…
पूर्व स्टार ऑलराउंडर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने एक युवा खिलाड़ी को लेकर बयान दिया…
CBSE 3 Langauge Formula: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 2026 से नया पाठ्यक्रम लागू करेगा, जिसमें…
Irritable Bowel Syndrome: IBS के दौरे के दौरान क्या होता है? इसके कारणों, लक्षणों और…