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Pax Silica: भारत ने शुक्रवार को अमेरिका के नेतृत्व वाले रणनीतिक गठबंधन ‘पैक्स सिलिका ‘ में शामिल होने की घोषणा पर हस्ताक्षर किए हैं. जिसका लक्ष्य जरूरी खनिजों और एआई के लिए लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना और दुर्लभ खनिजों में चीन के प्रभुत्व का मुकाबला करना है.
भारत मंडपम में AI समिट के दौरान हुआ हस्ताक्षर
नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में इस घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं. जो जरूरी खनिजों और एआई के लिए एक सुरक्षित, लचीली और नवाचार-संचालित आपूर्ति श्रृंखला बनाने के मकसद से तैयार किए गए ढांचे में भारत की औपचारिक प्रविष्टि का प्रतीक है. इस पहल का लक्ष्य तकनीकी सहयोग को बढ़ाना के साथ अगली पीढ़ी के उद्योगों के लिए आवश्यक प्रमुख संसाधनों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करना है. यह कदम भारत की राजधानी और वाशिंगटन द्वारा प्रस्तावित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने और संबंधों में द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने के लिए कई अन्य पहलों को आगे बढ़ाने के प्रयासों के बीच आया है.
India joins Pax Silica 🇮🇳🤝🇺🇸
Securing silicon supply chain, advancing semiconductor manufacturing. pic.twitter.com/5I117ZPfHs
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) February 20, 2026
इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
अब भारत पैक्स सिलिका का हिस्सा बन गया है. इससे भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग को बहुत फायदा मिलेगा. भारत में दस संयंत्र पहले से ही स्थापित किए गए हैं और कई स्थापित किए जा रहे हैं, और बहुत जल्द पहला सेमीकंडक्टर संयंत्र व्यावसायिक उत्पादन शुरू करेगा. भारत में एक संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र उभर रहा है. पैक्स सिलिका इसमें बहुत जरूरी भूमिका निभाने वाला है और भारत के युवाओं को इससे फायदा पहुंचेगा. केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद ऐसा कहा.
पैक्स सिलिका क्या है?
पैक्स सिलिका एक अमेरिकी नेतृत्व वाला रणनीतिक गठबंधन है जिसे एआई और अर्धचालकों के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करने के लिए शुरू किया जा रहा है. यह 20वीं सदी की तेल और इस्पात पर निर्भरता से सिलिकॉन और महत्वपूर्ण खनिजों द्वारा संचालित अर्थव्यवस्था की ओर एक बदलाव का प्रतीक है.