लाल किले में पहली UNESCO मीटिंग (UNESCO Meeting in Red Fort)
UNESCO की महत्वपूर्ण मीटिंग लाल किला परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच हुई. चांदनी चौक की तरफ से आने वाले प्रतिनिधियों को ऐतिहासिक परिसर में घुसने से पहले लाहौरी गेट इलाके में लगाए गए कई सुरक्षा बैरिकेड्स से गुज़रना पड़ा. उन्हें पूरी सुरक्षा जांच के बाद ही UNESCO मीटिंग की जगह तक पहुंचने दिया गया. यह ध्यान देने वाली बात है कि भारत में पहली बार इस तरह की UNESCO मीटिंग हुई थी.
लाल किले पर लगातार निगरानी
पुरानी दिल्ली में स्थित यह ऐतिहासिक मुगल-युग का स्मारक टूरिस्ट के बीच बहुत लोकप्रिय है, और रोज़ाना बड़ी संख्या में लोग इसे देखने आते हैं. UNESCO की महत्वपूर्ण मीटिंग यहां कड़ी सुरक्षा के बीच हुई. यह मीटिंग 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए धमाके के लगभग एक महीने बाद हुई. सुरक्षा स्थिति को देखते हुए, सुरक्षा बल अभी भी स्मारक के अंदर और बाहर लगातार निगरानी रख रहे हैं.
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल स्मारक के बाहरी इलाके के साथ-साथ अंदर भी लगातार निगरानी रख रही हैं. पिछले हफ्ते, जब लाल किला आम जनता के लिए बंद था, तो बड़ी संख्या में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय टूरिस्ट और स्थानीय लोग चांदनी चौक रोड पर किले के बाहर खड़े होकर तस्वीरें और सेल्फी लेते देखे गए.