Sadhvi Prem Baisa: राजस्थान के एक प्रसिद्ध कथावाचक या धार्मिक उपदेशक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत ने सनसनी मचा दी है. शव मिलने के बाद एक से बढ़कर एक मामला लगातार उलझता जा रहा है. पहले इंजेक्शन, सुसाइड नोट और एक कथित साधु की भूमिका. ये सारे कई सवाल खड़े कर रहे हैं. पुलिस और जांच टीम जुटी है लेकिन अभी गुत्थी सुलझी नहीं है.
क्या है मामला?
फेमस कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा राजस्थान के जोधपुर की रहने वाली थीं. बिते बुधवार को उनका संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाता है. प्रेम बाईसा को आश्रम से ब्रोन डेड हालत में प्रेक्षा अस्पताल में लाया गया. अस्पताल ने यहां उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद उनके शव को वापस आरती नगर स्थित आश्रम ले जाया गया.
आखिरी संदेश में ‘न्याय’ की उम्मीद के साथ अलविदा
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ऐसे समय पर हुई है जब कुछ समय पहले उनका एक वीडिय वायरल हुआ था. अपने आखिरी संदेश में उन्होंने मरने के बाद ‘न्याय’ की उम्मीद जताते हुए दुनिया को अलविदा करने की बात कही. खैर इस मामले में पुलिस और जांच टीम लगी हुई है, जल्द चीजों के बारे में पता चल जाएगा.
इंजेक्शन लगने के 5 मिनट बाद ही मौत
साध्वी प्रेम बाईसा के पिता का कहना है कि डेक्सोना इंजेक्शन लगाने के बाद साध्वी की मौत हुई है. इसके बाद इंजेक्शन लगाने वाले कंपाउंडर को गिरफतार कर लिया गया. इंजेक्शन के खोल को जब्त कर लिया गया. साथ हीं आश्रम को सील कर दिया गया. इंजेक्शन के मामले में ऐसा बताया जा रहा है कि इंजेक्शन लगने के 5 मिनट बाद ही साध्वी प्रेम बाईसा की मौत हो जाती है.
साधु ने किया सुसाइड नोट पोस्ट
मौत के बाद अब सुसाइड नोट पर भी सवाल आ रहे हैं. जिस मोबाइल से सुसाइड नोट पोस्ट किया गया उसे फोरेंसिक जांच के लिए भिजवा दिया गया है. साध्वी के पीता का दावा है कि साध्वी के कहने पर ही एक साधु ने ये सुसाइड नोट पोस्ट किया था. पोस्ट मौत के 4 घंटे बाद हुई.