Sahil Dhaneshra Dream: दिल्ली के द्वारका की सड़कों पर फैला खून सिर्फ़ एक हादसे का निशान नहीं है, बल्कि उन सभी सपनों की कुर्बानी है जो एक माँ ने 23 साल तक संजोए थे. एक अमीर आदमी के सोशल मीडिया रील बनाने के शौक ने 23 साल के साहिल धनेशरा की जान ले ली. साहिल सिर्फ़ एक बेटा नहीं था, बल्कि अपनी सिंगल मदर इना मकान की पूरी दुनिया था. साहिल BBA कर रहा था और उसका लक्ष्य विदेश में मास्टर्स डिग्री करना था. अपनी माँ पर बोझ नहीं बनना चाहता था, इसलिए वह खुद मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के एडमिशन फॉर्म, डॉक्यूमेंटेशन और इंश्योरेंस पेपरवर्क पूरा कर रहा था. आज, साहिल के हाथ से लिखे करियर नोट्स और गोल घर की दीवारों पर लगे हैं, लेकिन जिस साहिल ने उन्हें सच किया, वह हमेशा के लिए खामोश हो गया है. उसे अगस्त में UK के लिए फ्लाइट लेनी थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.
दीवारें उन सपनों से सजी हैं जो कभी सच नहीं होंगे
साहिल के कमरे की दीवारें उसकी कड़ी मेहनत और जुनून को दिखाती हैं. उसने अपनी दीवारों और छत को अपना विज़न बोर्ड बना लिया था. साहिल ने छत पर लिखा था, ‘$1,000,000 Year!’ और ‘2026 मेरा साल होगा.’ ‘जुनून टैलेंट को हरा देगा’ जैसे मैसेज बताते हैं कि वह अपनी सफलता को लेकर कितना सीरियस था. उसने ‘D’ शब्द को ‘सपना’ और ‘डिसिप्लिन’ बताया था.
जन्मदिन से ठीक पहले मौत
साहिल अपने जन्मदिन से कुछ दिन पहले ही दुनिया से चला गया. जिस घर में उसके जन्मदिन के जश्न की तैयारी होनी थी, अब वहाँ मातम छाया हुआ है. मां इना माकन अभी भी सदमे में हैं, उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि उनका बेटा, जो उनका सुनहरा भविष्य था, अब कभी वापस नहीं आएगा.
एक अमीर बेटे की लापरवाही
जांच के दौरान जो सच सामने आया वह और भी डरावना है. स्कॉर्पियो चलाने वाला लड़का सिर्फ 17 साल का था. बिना ड्राइविंग लाइसेंस के, वह सड़क पर रील और स्पीड का गेम खेल रहा था. स्कॉर्पियो ने पहले साहिल की सामने से आ रही बाइक को टक्कर मारी और फिर एक खड़ी कार से टकरा गई. जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने बोर्ड एग्जाम का हवाला देते हुए आरोपी नाबालिग को अंतरिम बेल दे दी.
क्या कहती है पोस्टमार्टम रिपोर्ट?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, साहिल की मौत बहुत ज़्यादा खून बह जाने की वजह से हुई. रिपोर्ट में सिर के बाईं ओर फ्रैक्चर और दिमाग में सूजन का ज़िक्र है. अंदरूनी चोटें इतनी गंभीर थीं कि फेफड़ों को भी भारी नुकसान पहुँचा था.