10
वानुअतु न्यूज़: मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय ने प्रशांत महासागर में स्थित द्वीप देश वानुआतु का नागरिक होने का दावा करने वाले एक धोखाधड़ी मामले में आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि ‘ऐसा कोई देश नहीं है’.
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारी की बेंच पीठ धोखाधड़ी के एक मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा जमानत देने से इनकार किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर मामला चल रहा था. आरोपी के वकील ने बेंच को बताया कि वह लगभग एक साल और तीन महीने से जेल में बंद हैं.
ऐसा कोई देश नहीं है
इसके बाद पीठ ने पूछा- आप किस देश के नागरिक हैं? इसके बाद वकील ने कहा, याचिकाकर्ता वानुअतु का नागरिक है, फिर पीठ ने एक प्रश्न पूछा, ‘क्या आप वहां गए हैं?’
‘यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ कैलासा’ नाम का देश
जब वकील ने जाने से मना किया, तो पीठ ने इशारा करते हुए कहा, ‘ऐसा कोई देश नहीं है. हम कैलाश नाम के एक देश को भी जानते हैं वह इसके जैसा ही है’
दरअसल स्वयंभू बाबा नित्यानंद ने 2019 में ‘यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ कैलासा’ नामका एक देश स्थापित करने का दावा किया था.
याचिका वापस लेने के रूप में खारिज
इसके बाद याचिककर्ता के वकील ने बताया कि आरोपी को पहले ही चार अन्य मामलों में जमानत मिल चुकी है. इसके बाद पीठ नें वकील से पूछा, ‘मुकदमे की सुनवाई पूरी करने में आपको कितना समय लगेगा?’
पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि मुकदमे की सुनवाई में छह से आठ महीने का समय लगेगा. इसके बाद याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत से याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी. पीठ ने कहा, ‘याचिका वापस लेने के रूप में खारिज की जाती है’.