Tis Hazari Court Fight: दिल्ली की तीस हजारी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में एक कोर्टरूम के अंदर मारपीट की एक गंभीर घटना सामने आई है. एक वकील को जज के सामने ही कोर्ट में पीटा गया, जब वह एक आरोपी का केस लड़ रहा था. पीड़ित वकील का मामला सुप्रीम कोर्ट में सुना गया. उसने भारत के चीफ जस्टिस (CJI) को बताया कि जब वह एक आरोपी की तरफ से पेश हो रहा था, तो विरोधी पक्ष के वकील, कुछ अन्य लोगों के साथ, जबरदस्ती कोर्टरूम में घुस आए. उस समय जज कोर्ट में मौजूद थे, फिर भी वकील पर हमला किया गया. वकील ने कहा कि पुलिस ने कोई मदद नहीं की. यह घटना ADJ हरजीत सिंह पाल की कोर्ट के सामने हुई और उन्होंने इसे कोर्ट परिसर के अंदर ‘गुंडा राज’ बताया.
कोर्ट में गुंडागर्दी पर CJI की कड़ी टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट में मामले का जिक्र करते हुए, CJI सूर्यकांत ने कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि इस तरह की ‘गुंडागर्दी’ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जा सकती. यह कानून के राज की सीधी विफलता है. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. CJI सूर्यकांत ने वकील को सलाह दी कि वह पहले दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के पास लिखित शिकायत दर्ज कराए. उन्होंने उसे उस शिकायत की एक कॉपी उन्हें भी भेजने को कहा. भारत के चीफ जस्टिस ने आश्वासन दिया कि मामले को प्रशासनिक स्तर पर देखा जाएगा और जरूरी कार्रवाई की जाएगी.
‘यह पूरी न्याय व्यवस्था के लिए एक वेक-अप कॉल है’
वकील ने बताया कि यह घटना 7 फरवरी को हुई थी और उस समय जज और अन्य न्यायिक अधिकारी कोर्ट में मौजूद थे. CJI ने साफ कहा कि कोर्ट परिसर में हिंसा बहुत गंभीर मामला है. अगर वकील कोर्ट के अंदर सुरक्षित नहीं हैं, तो यह पूरी न्याय व्यवस्था के लिए एक वेक अप कॉल है. कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करना जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी कानून को अपने हाथ में लेने की हिम्मत न करे.