What Is Bhajan Clubbing: दिल्ली जैसे महानगर में लोग एंजॉय करने के लिए या वीकेंड अक्सर ट्रैफिक, शोर और भीड़ के नाम होता है. लेकिन, दिल्ली की आवोहवा अब बदल रही है. नए जमाने के जेन-जी को डिस्को, पार्टी और क्लब में जाने का काफी शौंक होता है. फिल्मी गानों पर फूहड़पंति करना और अपनी मस्ती में मस्त रहना इन युवाओं को काफी पसंद है.
लेकिन, कुछ दिनों से दिल्ली में एक नया ट्रेंड चला है जो इन दिनों सोशल मीडिया पर भी जमकर छाया हुआ है. और वह है ‘भजन क्लबिंग’. यदि आप सोच रहे हैं कि यह कोई पार्टी है, कीर्तन है या कोई नया ट्रेंड, तो चलिए बताते हैं कि आखिर भजन क्लबिंग क्या है और यह दिनों दिन इतना पॉपुलर क्यों हो रहा है?
लोग बन रहे भजन क्लबिंग का हिस्सा
आपने देखा होगा कि ज्यादातर आम म्यूजिक कॉन्सर्ट में दर्शक होते हैं. लेकिन भजन क्लबिंग नया जमाने का ट्रेंड है जिसमें आप खुद इस एक्सपीरियंस का हिस्सा बनते हैं. दिल्ली के साकेत में 21 मार्च को भजन क्लबिंग होने जा रहा है. यहां The Bhakti Collective के कलाकार लेटेस्ट वाद्ययंत्रों और खास लाइटिंग इफेक्ट्स के साथ भजन गाते हैं और इसमें बहुत संख्या में लोग इकट्ठा होकर एंजॉय करते हैं. इसका उद्देश्य सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं होता बल्कि यह एक आध्यात्मिक एक्सपीरियंस देता है. जहां संगीत और मंत्र मिलकर लोगों को मंत्रमुग्ध करते हैं और उनके मन को शांत करते हैं.
परिवार के लिए सेफ माहौल
भजन क्लबिंग में हर वर्ग के लोग पहुंचते हैं क्योंकि यह कोई अश्लील या फिल्मी गानों का शोर-शराबा नहीं है. इस प्रोग्राम में बच्चे, युवा, बुजुर्ग एक साथ होकर माहौल को गरिमामय बनाकर रखते हैं. यह बच्चों को धार्मिक तौर पर जोड़ने के लिए यह लेटेस्ट तरीका है. इससे लोग ऊबते भी नहीं है और भजन का लुत्फ भी उठाते हैं. ज्यादातर युवा अब सोशल मीडिया से दूर इस तरह के क्लब में पहुंचकर भजन और मंत्रों का उच्चारण करते हैं. इससे उन्हें मोटिवेशन मिलता है और मन को शांति भी मिलती है. यहां पर एक सोशल मीडिया यूजर ने भजन क्लबिंग के बारे में सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया है, जिसे आप समझ सकते हैं कि यह कैसे पॉपुलर हो रहा है?
Gen Z has new ways of doing Bhajans, its now Bhajan Clubbing,,
This should NOT be a problem, what say? pic.twitter.com/dvFOGUswcI
— Woke Eminent (@WokePandemic) September 22, 2025
भजन क्लबिंग की ओर आकर्षित क्यों हो रहे Gen Z
दरअसल, नई पीढ़ी या Gen Z को धार्मिक प्रोग्राम में जाना बोरिंग लगता है, इसकी वजह पुराने तरीके से एक जगह बैठे रहना भी है. उन्हें भजन क्लबिंग के ज़रिए लाइटिंग, DJ मिक्स और वाइब्रेंट माहौल के साथ जब मिलाया जाता है, तो जेनजी को कुछ अलग ही फील होता है. क्लासिक क्लबिंग की जगह भजन क्लबिंग इसलिए भी पॉपुलर है क्योंकि न तो यहां पर कोई हुड़दंग होती है और ना ही कोई नशा या नेगेटिव असर देखने को मिलता है. हालांकि, हम इसके बारे में पुष्टि नहीं कर रहे हैं क्योंकि सुरक्षा फिर भी जरूरी होती है. इस क्लबिंग की खासियत यह भी है कि यहां पर बच्चे अपने माता-पिता के साथ भी जाते हैं और पॉजिटिव एनर्जी और मंत्रों का जाप से मन को शांति हासिल करते हैं. इससे बच्चों में स्ट्रेस कम होता है. यह आधुनिकता के साथ जड़ों से जुड़े रहने का एक शानदार तरीका भी है.
Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी विभिन्न स्त्रोतों पर आधारित है. यह सामान्य जानकारी है, पर्सनल सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले एक्सपर्ट से राय जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए Indianews.in जिम्मेदार नहीं होगा.