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कौन है सोनू पंजाबन? जिन्हें दिल्ली हाईकोर्ट ने मानव तस्करी केस में किया बरी, जानें पूरा मामला

Sonu Punjaban: दिल्ली उच्च न्यायालय ने वेश्यावृत्ति और मानव तस्करी के एक मामले में गीता अरोरा उर्फ ​​सोनू पंजाबन और संदीप बेदवाल को बरी कर दिया है. दिल्ली HC ने निचली अदालत द्वारा दिए गए फैसले को रद्द कर दिया है.

Written By: Kamesh Dwivedi
Last Updated: 2026-03-24 18:42:05

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जुलाई 2020 में, निचली अदालत ने गीता अरोरा उर्फ ​​सोनू पंजाबन को 24 साल की कैद और 64,000 रुपये का जुर्माना सुनाया था. वहीं अदालत ने इसी अपराध के लिए एक अन्य दोषी संदीप बेदवाल को 20 साल की कैद और 65,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था. अब दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों को इस मामले में बरी कर दिया है. जानिए कौन हैं सोनू पंजाबन. 

दिल्ली HC ने किया बरी

साल 2020 में वेश्यावृत्ति और मानव तस्करी से जुड़े जिस मामले में सोनू पंजाबन को दोषी ठहराया था. इसी आधार पर उन्होंने निचली अदालत के फैसले को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी. न्यायमूर्ति चंद्रशेखरन सुधा ने वेश्यावृत्ति और मानव तस्करी मामले में गीता अरोरा उर्फ ​​सोनू पंजाबन और संदीप बेदवाल की सजा को रद्द कर दिया.

कौन हैं सोनू पंजाबन?

सोनू पंजाबन उर्फ गीता अरोरा की कहानी काफी रोचक है. गीता अरोरा ने गैंगस्टर हेमानु सोनू से शादी की थी. फिर हेमानु सोनू के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद गीता अरोरा ने उसके नाम से सोनू अपने नाम में जोड़ लिया था. इसके बाद सोनू को गैंगस्टर विजय सिंह से प्रेम हो गया. फिर उसने अपने जीवन का रास्ता बदल लिया. विजय सिंह गैंगस्टर श्री प्रकाश शुक्ला का करीबी सहयोगी था. शादी के कुछ ही समय बाद, 2003 में उत्तर प्रदेश की एसटीएफ ने गढ़ मुक्तेश्वर में विजय सिंह को गोली मार दी. इसके बाद उसका अगला प्रेमी दीपक बना, वो भी असम में मारा गया. दीपक के भाई, हेमंत सोनू ने उसका साथ दिया और उसकी मदद की. जल्द ही, दोनों ने शादी कर ली. हेमंत एक हाई-प्रोफाइल दोहरे हत्याकांड में फंस गया, जिसके कारण पुलिस उसके पीछे पड़ गई. मार्च 2006 में, हेमंत को दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर स्पेशल सेल ने मार गिराया. सोनू पंजाबन को 2007 में प्रीत विहार में मानव तस्करी मामले में गिरफ्तार किया गया. इसके बाद साल 2008 में, जमानत पर रहते हुए सोनू पंजाबन को उसी अपराध के लिए फिर से गिरफ्तार किया गया. 

क्या है पूरा मामला?

12 वर्षीय लड़की को वेश्यावृत्ति के लिए तस्करी करने के मामले में गीता अरोरा उर्फ ​​सोनू पंजाबन को  दिल्ली की एक अदालत ने 24 साल की कैद की सजा सुनाई थी. कहा जाता है कि नाबालिग लड़की का अपहरण सह-आरोपी संदीप बेदवाल ने किया था, जिसे दोषी ठहराया गया और 20 साल जेल की सजा सुनाई गई थी. अदालत ने बेदवाल को 65,000 रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया थी. दोनों आरोपियों को सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा था कि नाबालिग का तीन-चार साल तक कई अपराधियों द्वारा यौन शोषण किया गया और अगर संदीप ने उसका अपहरण न किया होता, तो ये घटना ना होती. लेकिन इसके बाद बेदवाल ने नाबालिग लड़की को सोनू पंजाबन को बेच दिया, जिसने उसे कैद करके बेहोश करने के लिए नशीली दवाइयां दीं और फिर उसे वेश्यावृत्ति के लिए बेच दिया. तीन-चार महीने तक उसे अपने पास रखने के बाद, उसने नाबालिग लड़की को लखनऊ की अपनी साथी लाला को बेच दिया. इसी आधार पर वो फंसी हुई थीं. 

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Written By: Kamesh Dwivedi
Last Updated: 2026-03-24 18:42:05

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जुलाई 2020 में, निचली अदालत ने गीता अरोरा उर्फ ​​सोनू पंजाबन को 24 साल की कैद और 64,000 रुपये का जुर्माना सुनाया था. वहीं अदालत ने इसी अपराध के लिए एक अन्य दोषी संदीप बेदवाल को 20 साल की कैद और 65,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था. अब दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों को इस मामले में बरी कर दिया है. जानिए कौन हैं सोनू पंजाबन. 

दिल्ली HC ने किया बरी

साल 2020 में वेश्यावृत्ति और मानव तस्करी से जुड़े जिस मामले में सोनू पंजाबन को दोषी ठहराया था. इसी आधार पर उन्होंने निचली अदालत के फैसले को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी. न्यायमूर्ति चंद्रशेखरन सुधा ने वेश्यावृत्ति और मानव तस्करी मामले में गीता अरोरा उर्फ ​​सोनू पंजाबन और संदीप बेदवाल की सजा को रद्द कर दिया.

कौन हैं सोनू पंजाबन?

सोनू पंजाबन उर्फ गीता अरोरा की कहानी काफी रोचक है. गीता अरोरा ने गैंगस्टर हेमानु सोनू से शादी की थी. फिर हेमानु सोनू के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद गीता अरोरा ने उसके नाम से सोनू अपने नाम में जोड़ लिया था. इसके बाद सोनू को गैंगस्टर विजय सिंह से प्रेम हो गया. फिर उसने अपने जीवन का रास्ता बदल लिया. विजय सिंह गैंगस्टर श्री प्रकाश शुक्ला का करीबी सहयोगी था. शादी के कुछ ही समय बाद, 2003 में उत्तर प्रदेश की एसटीएफ ने गढ़ मुक्तेश्वर में विजय सिंह को गोली मार दी. इसके बाद उसका अगला प्रेमी दीपक बना, वो भी असम में मारा गया. दीपक के भाई, हेमंत सोनू ने उसका साथ दिया और उसकी मदद की. जल्द ही, दोनों ने शादी कर ली. हेमंत एक हाई-प्रोफाइल दोहरे हत्याकांड में फंस गया, जिसके कारण पुलिस उसके पीछे पड़ गई. मार्च 2006 में, हेमंत को दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर स्पेशल सेल ने मार गिराया. सोनू पंजाबन को 2007 में प्रीत विहार में मानव तस्करी मामले में गिरफ्तार किया गया. इसके बाद साल 2008 में, जमानत पर रहते हुए सोनू पंजाबन को उसी अपराध के लिए फिर से गिरफ्तार किया गया. 

क्या है पूरा मामला?

12 वर्षीय लड़की को वेश्यावृत्ति के लिए तस्करी करने के मामले में गीता अरोरा उर्फ ​​सोनू पंजाबन को  दिल्ली की एक अदालत ने 24 साल की कैद की सजा सुनाई थी. कहा जाता है कि नाबालिग लड़की का अपहरण सह-आरोपी संदीप बेदवाल ने किया था, जिसे दोषी ठहराया गया और 20 साल जेल की सजा सुनाई गई थी. अदालत ने बेदवाल को 65,000 रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया थी. दोनों आरोपियों को सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा था कि नाबालिग का तीन-चार साल तक कई अपराधियों द्वारा यौन शोषण किया गया और अगर संदीप ने उसका अपहरण न किया होता, तो ये घटना ना होती. लेकिन इसके बाद बेदवाल ने नाबालिग लड़की को सोनू पंजाबन को बेच दिया, जिसने उसे कैद करके बेहोश करने के लिए नशीली दवाइयां दीं और फिर उसे वेश्यावृत्ति के लिए बेच दिया. तीन-चार महीने तक उसे अपने पास रखने के बाद, उसने नाबालिग लड़की को लखनऊ की अपनी साथी लाला को बेच दिया. इसी आधार पर वो फंसी हुई थीं. 

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