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Hazira Plant Violence: गुजरात के सूरत में आर्सेलर मित्तल-निप्पॉन स्टील (AM/NS) प्लांट में गुरुवार को भारी हंगामा हुआ. सैलरी बढ़ाने और दूसरी मांगों को लेकर L&T के करीब 5,000 कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स का प्रोटेस्ट देखते ही देखते हिंसा में बदल गया. मामले को देखते हुए सूरत पुलिस ने घटना पर कड़ी कार्रवाई की, जिसके बाद मामले को काबू कर लिया गया है. इस घटना में हजीरा PI परमार समेत तीन पुलिसवाले घायल हो गए.
कई गाड़ियों में आग और तोड़- फोड़ की
प्रोटेस्टर्स ने प्लांट के अंदर खड़ी चार टू-व्हीलर्स में आग लगा दी और कई कारों में तोड़-फोड़ की. कंपनी की तीन फायर इंजन भी डैमेज हो गईं. एंट्री और एग्जिट गेट पर लगे लेटेस्ट इक्विपमेंट, पंखे और फर्नीचर में तोड़-फोड़ की गई. ऑफिस में भी बड़े पैमाने पर तोड़-फोड़ हुई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
सूरत पुलिस ने 36 आंसू गैस के गोले दागे
सूचना मिलने पर सूरत पुलिस का एक बड़ा काफिला मौके पर पहुंचा. हालात को कंट्रोल करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और 36 आंसू गैस के गोले छोड़े. पुलिस ने अब तक 40 वर्कर्स को हिरासत में लिया है. अभी प्लांट के अंदर भारी पुलिस फोर्स तैनात है और हालात कंट्रोल में बताए जा रहे हैं. 5,000 कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स ने हिंसक विरोध प्रदर्शन किया.
DCP शैफाली बरवाल के मुताबिक, पानीपत में L&T कर्मचारियों के हालिया विरोध प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, वर्कर्स में भी गुस्सा बढ़ गया. पुलिस ने उन्हें शांत करने की कोशिश की, लेकिन जब पत्थरबाजी शुरू हुई, तो उन्हें सख्त एक्शन लेना पड़ा. एक सीनियर अधिकारी ने हवा में फायरिंग की, 10 राउंड हवाई फायरिंग, 6 हैंड ग्रेनेड, 36 आंसू गैस के गोले दागे गए.
पुलिस ने 4000 लोगों के खिलाफ दर्ज किया FIR
बता दें कि, सूरत पुलिस ने 4000 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. झूठे मैसेज फॉरवर्ड करने और वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. साइबर पुलिस टीम लगातार सोशल मीडिया पर नजर रख रही है. पुलिस CCTV के आधार पर दूसरे आरोपियों को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है.