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हाईवे पर ‘ब्लाइंडिंग लाइट’ का कहर, कैमरे में कैद हुआ खौफनाक हादसा, कैसे खतरनाक साबित हो रहीं LED लाइट्स

आज के समय में हाईवे पर तेज चकाचौंध वाली लाइट्स के कारण हादसे हो रहे हैं. रियर व्यू मिरर पर इसकी लाइट पड़ने के कारण चालकों को दिखना बंद हो जाता है और हादसे हो जाते हैं.

Written By: Deepika Pandey
Last Updated: 2026-03-21 17:27:05

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Blinding Lights:
हाईवे पर तेज चकाचौंध वाली लाइट्स के कारण हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है. हाल ही में गुजरात हाईवे पर भी एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. गुजरात हाईवे पर एक ड्राइवर तेज LED हेडलाइट्स की चकाचौंध के कारण सड़क पर मौजूद कुछ मवेशियों को नहीं देख सका. इसके कारण वो दुर्घटना का शिकार हो गया. ऐसे में लोगों के मन में सवाल ये है कि पहले से ही सफेद LED लाइट्स पर नियंत्रण के आदेश दिए जा चुके हैं. इसके बावजूद भी उनका पालन क्यों नहीं किया जा रहा है? 

बता दें कि सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की गई है, जिसमें कुछ वीडियोज शेयर की गई हैं, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे सफेद LED हेडलाइट की चकाचौंध के कारण एक ड्राइवर की आंखों के सामने अंधेरा छा गया और वो मवेशियों को नहीं देख पाया और हादसे का शिकार हो गया.

आंखों पर रोशनी पड़ने से हादसे

दरअसल, फ्लैश ब्लाइंडनेस के कारण काफी सड़क हादसे होते हैं. इसका अर्थ ये है कि जब कोई गाड़ी सामने से आ रही होती है, तो गाड़ी की हाई बीम सीधे आंखों में पड़ती है. इसके कारण कुछ सेकंड तक चालक को कुछ भी दिखाई नहीं देता. इससे उबरने में लगभग एक मिनट का समय लग जाता है. ये सड़कों पर जानलेवा साबित हो सकता है और इसके कारण काफी परेशानियां हो सकती हैं. 

रियर व्यू मिरर से नहीं लगता अंदाजा

बता दें कि LED लाइट्स आम लाइट्स नहीं हैं, ये हैलोजन की तुलना में अधिक दूरी तक चकाचौंध पैदा कर सकती हैं. इसके कारण आंखों पर 100 फीसदी तीव्रता से रोशनी रह जाती है. इसके कारण आने-जाने वाले लोगों और वाहन चालकों की आंखों में तेज चुभन होती है. इसके साथ ही पीछे से आ रही गाड़ी की तेज LED लाइट जब रियर व्यू मिरर पर पड़ती है, तो आगे गाड़ी चला रहे ड्राइवर को उसकी दूरी और गहराई का सही से अंदाजा नहीं लग पाता और वे हादसे का शिकार हो जाते हैं. 

नियमों का उल्लंघन है हाई बीम लाइट्स

आपको जानकर हैरानी होगी कि लो बीम के लिए अधिकतर 55 और 60 वाट की सीमा तय है लेकिनन इसके बावजूद लोग 100 वाट से ज्यादा की लाइट लगवा लेते हैं. ये नियमों का उल्लंघन है. इसके अलावा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 177 के लिए हाई बीम लाइट्स का इस्तेमाल करना अवैध है और इसके लिए 500 रुपये का चालान काटा जा सकता है. 

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Last Updated: 2026-03-21 17:27:05

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हाईवे पर तेज चकाचौंध वाली लाइट्स के कारण हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है. हाल ही में गुजरात हाईवे पर भी एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है. गुजरात हाईवे पर एक ड्राइवर तेज LED हेडलाइट्स की चकाचौंध के कारण सड़क पर मौजूद कुछ मवेशियों को नहीं देख सका. इसके कारण वो दुर्घटना का शिकार हो गया. ऐसे में लोगों के मन में सवाल ये है कि पहले से ही सफेद LED लाइट्स पर नियंत्रण के आदेश दिए जा चुके हैं. इसके बावजूद भी उनका पालन क्यों नहीं किया जा रहा है? 

बता दें कि सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की गई है, जिसमें कुछ वीडियोज शेयर की गई हैं, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे सफेद LED हेडलाइट की चकाचौंध के कारण एक ड्राइवर की आंखों के सामने अंधेरा छा गया और वो मवेशियों को नहीं देख पाया और हादसे का शिकार हो गया.

आंखों पर रोशनी पड़ने से हादसे

दरअसल, फ्लैश ब्लाइंडनेस के कारण काफी सड़क हादसे होते हैं. इसका अर्थ ये है कि जब कोई गाड़ी सामने से आ रही होती है, तो गाड़ी की हाई बीम सीधे आंखों में पड़ती है. इसके कारण कुछ सेकंड तक चालक को कुछ भी दिखाई नहीं देता. इससे उबरने में लगभग एक मिनट का समय लग जाता है. ये सड़कों पर जानलेवा साबित हो सकता है और इसके कारण काफी परेशानियां हो सकती हैं. 

रियर व्यू मिरर से नहीं लगता अंदाजा

बता दें कि LED लाइट्स आम लाइट्स नहीं हैं, ये हैलोजन की तुलना में अधिक दूरी तक चकाचौंध पैदा कर सकती हैं. इसके कारण आंखों पर 100 फीसदी तीव्रता से रोशनी रह जाती है. इसके कारण आने-जाने वाले लोगों और वाहन चालकों की आंखों में तेज चुभन होती है. इसके साथ ही पीछे से आ रही गाड़ी की तेज LED लाइट जब रियर व्यू मिरर पर पड़ती है, तो आगे गाड़ी चला रहे ड्राइवर को उसकी दूरी और गहराई का सही से अंदाजा नहीं लग पाता और वे हादसे का शिकार हो जाते हैं. 

नियमों का उल्लंघन है हाई बीम लाइट्स

आपको जानकर हैरानी होगी कि लो बीम के लिए अधिकतर 55 और 60 वाट की सीमा तय है लेकिनन इसके बावजूद लोग 100 वाट से ज्यादा की लाइट लगवा लेते हैं. ये नियमों का उल्लंघन है. इसके अलावा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 177 के लिए हाई बीम लाइट्स का इस्तेमाल करना अवैध है और इसके लिए 500 रुपये का चालान काटा जा सकता है. 

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