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2 करोड़ का सोना लाखों की चांदी, फिर भी बैंक से लॉकर हो गया गायब; सुनते ही पत्नी के पैरों तले खिसक गई जमीन

Haryana Faridabad News: हरियाणा के फरीदाबाद में एसबीआई बैंक से अजीबोगरीब मामला सामने आया है. दरअसल, पीड़ित डीसी गर्ग के लॉकर में 2 करोड़ रुपये का सोना, लाखों की चांदी और अन्य कीमती सामान रखे हुए थे. लेकिन फिर भी लॉकर किसी और को अलॉट कर दिया गया.

Written By: Sohail Rahman
Last Updated: February 3, 2026 20:19:30 IST

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Haryana Faridabad News: हरियाणा के फरीदाबाद से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. जिसके बारे में बताया जा रहा है कि एसबीआई बैंक से एक सीए का लॉकर ही चोरी हो गया. लॉकर में लगभग 2 करोड़ रुपये का सोना और लाखों रुपये के चांदी के अलावा अन्य कीमती सामान रखे हुए थे. जानकारी सामने आ रही है कि इस पूरे मामले पर शिकायत दर्ज कराई गई ह और बैंक के हेडक्वार्टर के सीनियर अधिकारियों तक भी इसकी जानकारी पहुंचा दी गई है.

पीड़ित का आरोप है कि इतनी बड़ी घटना बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से हुई है. दो दिन पहले एक अजीब घटना सामने आई. जब CA की पत्नी अपना 12 साल पुराना लॉकर खोलने गईं तो उन्हें पता चला कि लॉकर बैंक में नहीं है. जबकि पिछले साल से उनके पासबुक से सालाना लॉकर फीस काटी जा रही थी.

किसी और को अलॉट कर दिया गया लॉकर

पत्नी ने मामले की जानकारी पति को दी तो सीए डीसी गर्ग और उनका परिवार बैंक गया. जब ग्राहक डी.सी. गर्ग ने बैंक अधिकारियों से पूछताछ की तो उन्होंने कहा कि उनका लॉकर वहां नहीं है. पीड़ित डीसी गर्ग के अनुसार उनके पास अपने लॉकर की असली चाबी है, लेकिन जब उनकी पत्नी बैंक गई तो अधिकारियों ने उन्हें बताया कि उन्होंने वह लॉकर नंबर किसी और को अलॉट कर दिया है. गर्ग के अनुसार, उन्होंने यह लॉकर 2014 में SBI सेक्टर-15 ब्रांच में लिया था और उनके अकाउंट से 2360 रुपये की सालाना लॉकर फीस काटी जा रही थी.

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पीड़ित ने किया चौंकाने वाला दावा

इसके अलावा, सीए डीसी गर्ग का दावा है कि बैंक ने उसी नंबर की चाबी किसी दूसरे व्यक्ति को दे दी है, जो अब लॉकर का मौजूदा मालिक है. गर्ग के अनुसार, इस पूरे मामले पर बैंक अधिकारी का कहना है कि हो सकता है उन्होंने अपना लॉकर सरेंडर कर दिया हो. हालांकि, अगर उन्होंने इसे सरेंडर किया होता तो इसके लिए कागजी कार्रवाई होती और बैंक ने डी.सी. गर्ग से चाबी ले ली होती. पीड़ित डीसी गर्ग के अनुसार, बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से उनके लॉकर को तोड़ा गया और लॉकर नंबर विकास चौहान नाम के किसी अन्य व्यक्ति को अलॉट कर दिया गया और उसे इस लॉकर नंबर की डुप्लीकेट चाबी भी दे दी गई.

उनके लॉकर में लगभग 1.25 किलो सोने के गहने, 3 किलो चांदी और कई दूसरी कीमती चीजें थीं. उन्हें नहीं पता कि उनके लॉकर से कौन सी चीजें गायब हैं और यह भी पता नहीं चला है कि उनका लॉकर कब तोड़ा गया और चीजें कब चोरी हुईं.

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