National Level Woman Shooter Assault Case: दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद जिले में 17 साल की नाबालिग युवती के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है. यह युवती राष्ट्रीय स्तर की शूटर है. दुष्कर्म की शिकार यह युवती करीब 21 दिनों तक मानसिक रूप से परेशान और सदमे में रही. पूछे जाने पर पीड़िता ने अपनी मां को पूरी घटना के बारे में बताया. इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई. अब पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है. आरोपी कोच का नाम अंकुश भारद्वाज है. वहीं, इस पूरे मामले में मीडिया से बात करते हुए फरीदाबाद पुलिस पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर यशपाल यादव का कहना है कि FIR दर्ज कर ली गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए हमने होटल प्रशासन से घटना वाले दिन के सभी CCTV कैमरों की फुटेज मुहैया कराने के लिए कहा गया है. इससे पीड़ित युवती के बयान और घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके.
युवती को कोच ने दी थी धमकी
बताया जा रहा है कि होटल के कमरे में दुष्कर्म के बाद कोच ने घटना के बारे में किसी को बताने पर उसका करियर खत्म करने की धमकी दी थी. साथ ही परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी थी. वहीं, मामला सामने आने पर पीड़ित युवती की मां ने पुलिस थाने में पहुंचकर कोच के खिलाफ शिकायत दी. वहीं, पुलिस ने पीड़िता के नाबालिग होने की स्थिति में शिकायत के आधार पर POCSO एक्ट की धाराओं में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
प्रतियोगिता खत्म होने के बाद बुलाया होटल में
पुलिस के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर की शूटर खिलाड़ी युवती के साथ दुष्कर्म की यह घटना 16 दिसंबर, 2005 को हुई. घटनाक्रम के मुताबिक, 16 दिसंबर 2025 कोदक्षिण दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिता चल रही थी. बेटी इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए वहां गई थी. आरोप है कि मैच खत्म होने के बाद कोच ने बहाने से होटल बुलाया और दुष्कर्म किया.
बहाना बनाकर ले गया था होटल के कमरे में
पीड़ित शूटर की मां के मुताबिक, मैच खत्म होने के बाद कोच ने पर्फोर्मेंस समीक्षा के बहाने फरीदाबाद के सूरजकुंड स्थित एक होटल की लॉबी में मिलने के लिए बुलाया था. कोच पहले ही वहां पर था. कोच ने बहाना बनाया था कि प्रतियोगिता में परफॉर्मेंस को लेकर चर्चा करनी है. वहां पहुंचने पर होटल के कमरे में लेकर गया और फिर कोच ने उसके साथ संबंध बनाए.
कौन हैं अंकुश भारद्वाज
अंकुश भारद्वाज की गिनती प्रतिभावान खिलाड़ियों में होती है. वर्ष 2008 के कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स में 50-मीटर पिस्टल शूटिंग इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था. इसके सिर्फ 2 साल बाद स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (SAi) ने उन्हें डोपिंग के लिए बैन कर दिया, क्योंकि उनका बीटा ब्लॉकर्स के लिए टेस्ट पॉजिटिव आया था. यह अलग बात है कि अंकुश ने तब कहा था कि उन्होंने हल्के सिरदर्द के लिए दवा ली थी और उन्हें इसके टेस्ट रिजल्ट पर असर के बारे में पता नहीं था. उन्होंने 2012 में वापसी की और इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में मेडल जीते.
मोहाली में रहते हैं अंकुश
अंकुश भारद्वाज अभी मोहाली में रहते हैं और सेक्टर 86 में साल्वो शूटिंग रेंज चलाते हैं। इस शूटिंग एकेडमी की कई ब्रांच हैं. भारद्वाज नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया द्वारा नियुक्त 13 नेशनल पिस्टल कोच में से एक हैं. उनकी शादी दो बार की ओलंपियन अंजुम मौदगिल से हुई है.