2024 का रिकॉर्ड भी टूटा
एक हफ्ते में 18,290 चालान
पुलिस का कहना है कि यह अभियान केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि जन-जागरूकता से भी जुड़ा हुआ है. स्लोगन “चालान नहीं, सलाम मिलेगा” के तहत लोगों को यह समझाने की कोशिश की जा रही है कि सुरक्षित और अनुशासित ड्राइविंग से न केवल दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है, बल्कि यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी.