बच्चियों के नाम भूल गए पिता
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Jind, Haryana: A woman has given birth to her 11th child – a BOY, after having 10 daughters.
The Govt should take away all 11 children; these parents clearly aren’t fit to raise them. pic.twitter.com/X8fneVnJAK
— Dr Ranjan (@AAPforNewIndia) January 6, 2026
क्या रखा बेटे का नाम?
डॉक्टरों ने क्या कहा?
ओजस अस्पताल के डॉक्टरों ने, जहां डिलीवरी हुई थी, बताया कि प्रेग्नेंसी और डिलीवरी मां और नवजात दोनों के लिए हाई-रिस्क थी. बच्चे के शरीर में सिर्फ़ 5 ग्राम खून था और डिलीवरी के बाद दोनों मेडिकल सपोर्ट पर हैं.
सोशल मीडिया ने जोड़े की आलोचना की
इंटरव्यू के क्लिप ऑनलाइन सर्कुलेट होने के बाद, कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बच्चों और मां की भलाई के लिए गुस्सा और चिंता ज़ाहिर की. कुछ ने माता-पिता की ज़िम्मेदारी पर सवाल उठाया, जबकि दूसरों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कैसे पितृसत्तात्मक सोच बार-बार बच्चे पैदा करने का शारीरिक और भावनात्मक बोझ महिलाओं पर डालती है.
एक यूज़र ने उस आदमी का इंटरव्यू शेयर किया और लिखा कि एक महिला ने 10 बेटियों के बाद अपना 11वां बच्चा – एक लड़का – पैदा किया है. सरकार को सभी 11 बच्चों को ले लेना चाहिए; ये माता-पिता साफ़ तौर पर उन्हें पालने के लायक नहीं हैं.
एक और ने प्रतिक्रिया दी कि लड़का पाने की पुरुषों की सनक इतनी गहरी है कि एक महिला का शरीर ट्रायल-एंड-एरर मशीन बन जाता है. 10 बेटियां काफ़ी नहीं थीं. आखिरकार एक बेटा आता है और अचानक समाज जाग जाता है. यह संस्कृति नहीं है. यह परंपरा नहीं है. यह असुरक्षा, हक और ज़ीरो जवाबदेही है. बच्चे के जन्म के लिए महिलाओं को दोष देना बंद करें. उन पुरुषों से सवाल करना शुरू करें जो बेटियों को स्वीकार नहीं कर सकते.