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Gurugram Suicide Case: हरियाणा के गुरुग्राम के मोकलवास गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब, बुधवार यानी 11 फरवरी को लापता हुई 16 साल की लड़की लाश मिली. पुलिस ने मामला सुसाइड का बताया है. लाश श्मशान घाट के पास 15 फुट गहरे तालाब से मिली है. वहीं लड़की जब गुमशुदा हुई थी तब उसके घरवालों ने उसे ढ़ूढ निकालने पर 1 लाख रुपये का इनाम रखा था. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें कि पूरा मामला क्या है और आखिर क्यों एक 16 साल की लड़की को खुदखुशी करना पड़ा.
आखिरी बार लड़की को CCTV फुटेज में देखा गया
मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि 12वीं की स्टूडेंट बुधवार देर रात अपने घर से निकली थी और उसे आखिरी बार CCTV फुटेज में देखा गया था. हिंदुस्तान रिपोर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बिलासपुर पुलिस स्टेशन के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि उसे पहले डिनर के बाद घर से निकलते हुए देखा गया था.
अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर और परिवार की शिकायत का हवाला देते हुए कहा कि परिवार के साथ डिनर करने के बाद, वह पढ़ाई के लिए अपने कमरे में चली गई; हालांकि, लड़की बिना बताए घर से निकल गई. उसकी स्कूल यूनिफॉर्म भी उसके कमरे में नहीं थी.
डायरी से हुआ सनसनीखेज खुलासा
न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि पुलिस को एक डायरी मिली है, जिसमें मरने वाली लड़की ने लिखा था कि मुझे मत ढूंढना. अगर ढूंढना ही है, तो श्मशान घाट के तालाब के पास ढूंढो. डायरी में मिले एक नोट में, लड़की ने अपने माता-पिता से उसे माफ़ करने के लिए कहा था। पुलिस को मिले नोट में लिखा था कि मम्मी और पापा, प्लीज मुझे माफ कर देना. मैं अपने दादाजी के पास जा रही हूं.
पुलिस ने कहा कि शुक्रवार शाम को एक टीम तालाब पर पहुंची, जो पानी निकालने के लिए गोताखोरों और चार ट्रैक्टर-माउंटेड पंप लेकर आई. 15 फ़ीट गहरे तालाब से चार मोटरों का इस्तेमाल करके पानी निकालने में कम से कम 12 घंटे लगे. एक और सीनियर पुलिस अधिकारी ने कहा कि जैसे ही पानी का लेवल कम हुआ, बॉडी कीचड़ में फंसी हुई मिली.
स्कूल यूनिफॉर्म में मिली लड़की की लाश
शुरुआती जांच से पता चला है कि मौत के समय लड़की ने अपनी स्कूल यूनिफॉर्म पहनी हुई थी. उसके पिता गांव की कोर्ट लाइब्रेरी में काम करते हैं. उसके परिवार में उसके पिता, मां और एक बड़ा भाई हैं. पुलिस ने उसे पढ़ाई में होशियार बताया. गुरुग्राम पुलिस के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर संदीप तुरान ने कहा कि शनिवार को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के सेक्शन 193 (अप्राकृतिक मौतों की जांच का प्रोसेस) के तहत ऑटोप्सी के बाद बॉडी मृतक के परिवार वालों को सौंप दी गई. उन्होंने आगे कहा कि उसके मोबाइल फोन का पता लगाने और संदिग्ध आत्महत्या के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.