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करनाल जिलाध्यक्ष पद पर हुड्डा गुट का कब्जा, कांग्रेस का नया जातीय समीकरण– पंजाबी + एससी पर फोकस, कांग्रेस का नया दांव-कितना असरदार ?

हरियाणा कांग्रेस ने करनाल में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट का दबदबा साफ नज़र आया। पार्टी ने शहरी जिला अध्यक्ष के रूप में पराग गाबा और ग्रामीण जिला अध्यक्ष के रूप में प्रोफेसर राजेश वैध को जिम्मेदारी सौंपी है। यह फैसला हुड्डा खेमे की बड़ी जीत और शैलजा गुट के लिए झटका माना जा रहा है।

Written By: Anurekha Lambra
Last Updated: August 17, 2025 17:53:03 IST

प्रवीण वालिया, करनाल India News (इंडिया न्यूज), Karnal News : हरियाणा कांग्रेस ने करनाल में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट का दबदबा साफ नज़र आया। पार्टी ने शहरी जिला अध्यक्ष के रूप में पराग गाबा और ग्रामीण जिला अध्यक्ष के रूप में प्रोफेसर राजेश वैध को जिम्मेदारी सौंपी है। यह फैसला हुड्डा खेमे की बड़ी जीत और शैलजा गुट के लिए झटका माना जा रहा है।

जातीय समीकरणों पर पैनी नज़र

करनाल में लगभग 66 हजार पंजाबी वोटर्स को साधने के लिए कांग्रेस ने पंजाबी समुदाय से पराग गाबा को चुना है। वहीं, अनुसूचित जाति के मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने की रणनीति के तहत प्रो. राजेश वैध को ग्रामीण अध्यक्ष बनाया गया है।

उम्मीदवारों में से हुई सख़्त छनाई

जिला अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस ऑब्ज़र्वर टीम को कुल 66 आवेदन मिले थे। इनमें से शहरी और ग्रामीण क्षेत्र से 6-6 नाम शॉर्टलिस्ट हुए। शहरी क्षेत्र से निश्चय सोही, पराग गाबा, मनोज वधवा, संजीव कंबोज और गुरविंद्र कौर के नाम आगे बढ़े थे, जिनमें गाबा ने बाज़ी मारी। ग्रामीण क्षेत्र में बसंत राणा, राजेश चौधरी, राजेश वैध और भूपेंद्र लाठर के नाम शामिल थे, जिनमें वैध को अंतिम रूप से चुना गया।

पराग गाबा : पंजाबी समाज का मज़बूत चेहरा

पराग गाबा लंबे समय से पंजाबी वर्ग में सक्रिय हैं। वे अखिल भारतीय खत्री युवा महासभा के प्रदेश संरक्षक हैं। उनके पिता देश राज गाबा भी कांग्रेसी नेता रहे और परिवार दो पीढ़ियों से कांग्रेस से जुड़ा है। विधानसभा और मेयर टिकट की दौड़ में पीछे रहने के बावजूद अब उन्हें पार्टी ने बड़ा जिम्मा सौंपा है।

प्रो. राजेश वैध : एससी वोट बैंक का भरोसा

प्रो. राजेश वैध अनुसूचित जाति समाज में प्रभावशाली माने जाते हैं। उन्होंने 2009 में बीएसपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए। 2014 से 2020 तक वे हरियाणा लोक सेवा आयोग के सदस्य रहे। लंबे राजनीतिक अनुभव और हुड्डा से नज़दीकी के चलते पार्टी को उम्मीद है कि वे एससी वोटरों को फिर से कांग्रेस से जोड़ पाएंगे।

बीजेपी के समीकरणों को सीधी चुनौती

फिलहाल करनाल में बीजेपी जिलाध्यक्ष प्रवीण लाठर (जाट समाज) हैं। वहीं, पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल तथा विधायक जगमोहन आनंद पंजाबी वर्ग से आते हैं। कांग्रेस ने पराग गाबा और राजेश वैध की नियुक्ति कर इन जातीय समीकरणों को टक्कर देने का संदेश दिया है। 

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