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Haryana Factory Fire: चीखें गूंजती रहीं, पर बंद था दरवाजा… हरियाणा के जींद में अंदर तड़प-तड़प कर मर गईं महिलाएं!

सफीदों की पेंट फैक्ट्री में भयंकर आग! 4 महिला वर्करों की मौत और कई गंभीर. बाहर से बंद था गेट, तो कैसे बची बाकी जानें? प्रशासन की बड़ी कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट.

Written By: Shivani Singh
Last Updated: 2026-03-07 19:22:54

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हरियाणा के जींद के सफीदों की गीता कॉलोनी में शनिवार को एक पेंट और गुलाल फैक्ट्री में भीषण आग लगने से चार महिला वर्करों की मौत हो गई और 17 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए. घायल वर्करों को इलाज के लिए खानपुर, रोहतक, पानीपत और जींद ले जाया गया. आग लगने का कारण पता नहीं चला है. आरोप है कि फैक्ट्री का मेन गेट बाहर से बंद था, जिससे आग लगने पर वर्कर भाग नहीं पाए. घटना की सूचना मिलने पर डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DC) और सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. सफीदों सिटी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है.

पेंट और गुलाल फैक्ट्री में आग

शनिवार को गीता कॉलोनी में एक पेंट और गुलाल फैक्ट्री में अचानक आग लग गई. केमिकल होने के कारण पूरी फैक्ट्री आग की लपटों में घिर गई. आग कुछ ही मिनटों में पूरी जगह फैल गई. चारों तरफ से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं, जिससे वर्करों में दहशत फैल गई. घटना के समय फैक्ट्री का गेट बाहर से बंद था. चार महिलाओं ने छत से कूदकर अपनी जान बचाई. आग लगने के बाद हालात इतने खराब हो गए कि फैक्ट्री के अंदर जले हुए मज़दूरों को बचाने के लिए दीवार तोड़नी पड़ी. लोगों ने आग पर काबू पाने के लिए अपने घरों से पानी लाया. बाद में, फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया. सूचना मिलने पर डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद इमरान रजा और पुलिस सुपरिटेंडेंट कुलदीप सिंह अपने स्टाफ के साथ पहुंचे और हालात का जायजा लिया। फोरेंसिक टीम ने भी फैक्ट्री पहुंचकर सबूत इकट्ठा किए.

इस हादसे में चार महिला मज़दूरों की मौत हो गई

सिंहपुरा गांव की रहने वाली पिंकी (51), वार्ड 9 की रहने वाली गुड्डी (50), डिग्गी मोहल्ला की रहने वाली पूजा (40) और आदर्श कॉलोनी की रहने वाली ऊषा (45) की मौत हो गई. रानी, ​​आदर्श कॉलोनी की रहने वाली जगबीर, निसिंग करनाल के रहने वाले पवन, शिव कॉलोनी की रहने वाली कश्मीरी देवी, गीता कॉलोनी की रहने वाली कमलेश और बिमला समेत 17 मज़दूर बुरी तरह झुलस गए. लोगों ने अपने साधनों से उन्हें इलाज के लिए सफीदों सिविल अस्पताल पहुंचाया. इसके बाद डॉक्टरों ने जलने से घायल 17 मजदूरों को दूसरे अस्पतालों में रेफर कर दिया. उनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है. वार्ड 10 के रहने वाले राजू किराए के मकान में फैक्ट्री चलाते थे. सफीदों सिटी पुलिस मामले की जांच कर रही है. पुलिस सुपरिटेंडेंट कुलदीप सिंह ने बताया कि फैक्ट्री मालिक और मकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं. लापरवाही का लेवल पता लगाने के लिए जांच चल रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

जींद के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DC) ने क्या कहा?

जींद के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि सफीदों फैक्ट्री में आग लगने से 17 मजदूर प्रभावित हुए हैं. चार की मौत हो गई है. बाकी घायलों का इलाज चल रहा है. कुछ को रोहतक रेफर किया गया है और कुछ जींद के जनरल अस्पताल में भर्ती हैं. DC ने बताया कि शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि मालिक ने जगह किराए पर ली थी. पुलिस फिलहाल संदिग्धों को हिरासत में ले रही है. भविष्य में, बिना परमिट के चल रही ऐसी खतरनाक फैक्ट्रियों को बंद करने के लिए पूरे जिले में अभियान चलाया जाएगा. डीसी ने कहा कि तालाबंदी या अवैध संचालन की शिकायतों की जांच के बाद नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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Written By: Shivani Singh
Last Updated: 2026-03-07 19:22:54

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हरियाणा के जींद के सफीदों की गीता कॉलोनी में शनिवार को एक पेंट और गुलाल फैक्ट्री में भीषण आग लगने से चार महिला वर्करों की मौत हो गई और 17 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए. घायल वर्करों को इलाज के लिए खानपुर, रोहतक, पानीपत और जींद ले जाया गया. आग लगने का कारण पता नहीं चला है. आरोप है कि फैक्ट्री का मेन गेट बाहर से बंद था, जिससे आग लगने पर वर्कर भाग नहीं पाए. घटना की सूचना मिलने पर डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DC) और सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. सफीदों सिटी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है.

पेंट और गुलाल फैक्ट्री में आग

शनिवार को गीता कॉलोनी में एक पेंट और गुलाल फैक्ट्री में अचानक आग लग गई. केमिकल होने के कारण पूरी फैक्ट्री आग की लपटों में घिर गई. आग कुछ ही मिनटों में पूरी जगह फैल गई. चारों तरफ से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं, जिससे वर्करों में दहशत फैल गई. घटना के समय फैक्ट्री का गेट बाहर से बंद था. चार महिलाओं ने छत से कूदकर अपनी जान बचाई. आग लगने के बाद हालात इतने खराब हो गए कि फैक्ट्री के अंदर जले हुए मज़दूरों को बचाने के लिए दीवार तोड़नी पड़ी. लोगों ने आग पर काबू पाने के लिए अपने घरों से पानी लाया. बाद में, फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया. सूचना मिलने पर डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद इमरान रजा और पुलिस सुपरिटेंडेंट कुलदीप सिंह अपने स्टाफ के साथ पहुंचे और हालात का जायजा लिया। फोरेंसिक टीम ने भी फैक्ट्री पहुंचकर सबूत इकट्ठा किए.

इस हादसे में चार महिला मज़दूरों की मौत हो गई

सिंहपुरा गांव की रहने वाली पिंकी (51), वार्ड 9 की रहने वाली गुड्डी (50), डिग्गी मोहल्ला की रहने वाली पूजा (40) और आदर्श कॉलोनी की रहने वाली ऊषा (45) की मौत हो गई. रानी, ​​आदर्श कॉलोनी की रहने वाली जगबीर, निसिंग करनाल के रहने वाले पवन, शिव कॉलोनी की रहने वाली कश्मीरी देवी, गीता कॉलोनी की रहने वाली कमलेश और बिमला समेत 17 मज़दूर बुरी तरह झुलस गए. लोगों ने अपने साधनों से उन्हें इलाज के लिए सफीदों सिविल अस्पताल पहुंचाया. इसके बाद डॉक्टरों ने जलने से घायल 17 मजदूरों को दूसरे अस्पतालों में रेफर कर दिया. उनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है. वार्ड 10 के रहने वाले राजू किराए के मकान में फैक्ट्री चलाते थे. सफीदों सिटी पुलिस मामले की जांच कर रही है. पुलिस सुपरिटेंडेंट कुलदीप सिंह ने बताया कि फैक्ट्री मालिक और मकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं. लापरवाही का लेवल पता लगाने के लिए जांच चल रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

जींद के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DC) ने क्या कहा?

जींद के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि सफीदों फैक्ट्री में आग लगने से 17 मजदूर प्रभावित हुए हैं. चार की मौत हो गई है. बाकी घायलों का इलाज चल रहा है. कुछ को रोहतक रेफर किया गया है और कुछ जींद के जनरल अस्पताल में भर्ती हैं. DC ने बताया कि शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि मालिक ने जगह किराए पर ली थी. पुलिस फिलहाल संदिग्धों को हिरासत में ले रही है. भविष्य में, बिना परमिट के चल रही ऐसी खतरनाक फैक्ट्रियों को बंद करने के लिए पूरे जिले में अभियान चलाया जाएगा. डीसी ने कहा कि तालाबंदी या अवैध संचालन की शिकायतों की जांच के बाद नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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