पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा और पंजाब में बाढ़ से लगातार बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य की जनता खेतों, घरों और सड़कों में पानी भरने से परेशान है, लेकिन हरियाणा और पंजाब सरकारें राहत कार्यों में गंभीरता दिखाने की बजाय भाखड़ा के पानी को लेकर एक-दूसरे पर बयानबाज़ी कर रही हैं। दूसरी ओर प्रदेश के शहरों में जल निकासी का उचित प्रबंधन होने पर जलभराव की वजह से यातायात जाम होने से जनता परेशान है, सरकार को इस दिशा में भी ध्यान देना चाहिए।
India News (इंडिया न्यूज), Kumari Selja : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा और पंजाब में बाढ़ से लगातार बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य की जनता खेतों, घरों और सड़कों में पानी भरने से परेशान है, लेकिन हरियाणा और पंजाब सरकारें राहत कार्यों में गंभीरता दिखाने की बजाय भाखड़ा के पानी को लेकर एक-दूसरे पर बयानबाज़ी कर रही हैं। दूसरी ओर प्रदेश के शहरों में जल निकासी का उचित प्रबंधन होने पर जलभराव की वजह से यातायात जाम होने से जनता परेशान है, सरकार को इस दिशा में भी ध्यान देना चाहिए।
मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा है कि इस समय सबसे पहली प्राथमिकता प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना और उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना होना चाहिए। लेकिन अफसोस की बात है कि दोनों राज्यों के मंत्री केवल पानी छोड़ने और रोकने को लेकर वाद-विवाद कर रहे हैं, जबकि किसान अपनी फसल डूबने से हताश हैं और आम लोग जलभराव से त्रस्त हैं।
प्रदेश सरकार से विपक्ष बार-बार आगाह करता रहा है कि मानसून से पहले नालों की सफाई और नहरों की मरम्मत होनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने समय रहते कोई कदम नहीं उठाया। आज हालात हाथ से निकल रहे हैं और जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कुमारी सैलजा ने कहा है कि कहा कि सरकार का काम केवल नुकसान के बाद दौरे करना और फोटो खिंचवाना नहीं, बल्कि समय पर प्रबंधन कर जनता को सुरक्षित रखना है। सांसद ने चेतावनी दी कि यदि तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो विपक्ष सड़क से सदन तक किसानों और जनता की आवाज बुलंद करेगा।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि सिरसा में फसलों खासकर नरमा कपास और धान को भारी नुकसान हुआ है। राजपुरा सहित कई गांवों में नहर टूटने से सैकड़ों एकड़ धान और कपास की फसल बर्बाद हो चुकी है। ऐलनाबाद क्षेत्र में भी हिसार घग्घर मल्टीपर्पज ड्रेन का जलस्तर बढ़ने से लोगों में डर का माहौल है। सांसद ने सरकार से मांग की है कि हरियाणा और पंजाब सरकारें आपसी तकरार छोड़कर राहत और बचाव कार्यों पर समन्वय स्थापित करें, तुरंत विशेष टीमें बनाकर नहरों, नालों की मरम्मत, जल निकासी और पंपिंग की व्यवस्था की जाए, प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कर मुआवज़ा तुरंत दिया जाए। जिन गांवों में जलभराव है वहाँ मेडिकल और पशु चिकित्सा शिविर, स्वच्छ पेयजल व राशन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
कुमारी सैलजा ने कहा है कि पूरे हरियाणा में जलभराव से हालात चिंताजनक हैं। मिलेनियम सिटी से लेकर सिरसा तक जलभराव और महा जाम ने सरकार की तैयारी और प्रबंधन की पोल खोल दी है। मौसम विभाग की चेतावनियों और विपक्ष द्वारा लगातार सावधान करने के बावजूद राज्य सरकार समय पर जागी ही नहीं। सरकार ने नालों, नालियों और नहरों की समय पर सफाई नहीं करवाई, सड़को की मरम्मत नहीं कराई और जल निकासी की कोई ठोस तैयारी नहीं की। इसका सीधा खामियाजा हरियाणा की जनता को भुगतना पड़ रहा है। सांसद ने कहा कि शहरों और गांवों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए तात्कालिक पंपिंग और ड्रेनेज की व्यवस्था की जाए, प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा, पशु-चिकित्सा और राहत शिविर तुरंत स्थापित किए जाएं।
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