Haryana Rajya Sabha Election: हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस दोनों को एक-एक सीट मिली. वोटिंग के दौरान वोटों की गोपनीयता भंग होने की शिकायतों और क्रॉस-वोटिंग के आरोपों की वजह से चुनाव प्रक्रिया में कुछ रुकावटें आईं. काफी चर्चा में रहे इन चुनावों में बीजेपी के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध को राज्यसभा सीटों के लिए निर्वाचित घोषित किया गया.
वोटों की गिनती शुरू होने में 5 घंटे से ज्यादा की देरी हुई, जिसके बाद ये नतीजे आए. जिसको लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने वोटिंग के दौरान कथित नियमों के उल्लंघन को लेकर शिकायतें दर्ज कराई थीं.
किन उम्मीदवारों के बीच था मुकाबला?
हरियाणा में राज्यसभा की 2 सीटों के लिए बीजेपी उम्मीदवार संजय भाटिया, कांग्रेस उम्मीदवार करमवीर सिंह बौद्ध और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के बीच मुकाबला था. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देर रात हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों नेताओं को उनकी जीत पर बधाई दी. उन्होंने इस चुनाव को रोचक बताया और वोटिंग से पहले अपने विधायकों को हिमाचल प्रदेश भेजने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा.
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आगे अपनी बात रखते हुए कहा कि मैं बीजेपी उम्मीदवार संजय भाटिया और कांग्रेस उम्मीदवार करमवीर बौद्ध को उनकी जीत पर बधाई देता हूं. इसके बाद उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है. जिस तरह कांग्रेस ने अपने विधायकों को नजरबंद करके रखा और हर घंटे उन्हें अलग-अलग जगहों पर भेजती रही. इतिहास में यह पहली बार है जब मैंने देखा है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खुद कांग्रेस के लिए पोलिंग एजेंट बन गए.
मुख्यमंत्री ने INLD पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) पर भी जमकर निशाना साधा, क्योंकि उन्होंने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया था. उन्होंने आरोप लगाया कि यह पार्टी कांग्रेस की ‘B टीम’ की तरह काम कर रही थी. इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि INLD ने परोक्ष रूप से कांग्रेस का समर्थन किया. निर्दलीय उम्मीदवार से जुड़े एक सवाल के जवाब में सैनी ने कहा कि वे किसी को चुनाव लड़ने से कैसे रोक सकते थे?
फिर क्यों हुआ विवाद?
हरियाणा राज्यसभा चुनाव में वोटों की गोपनीयता को लेकर हुए विवाद की वजह से वोटों की गिनती की प्रक्रिया में देरी हुई. कांग्रेस और बीजेपी, दोनों ने एक-दूसरे के विधायकों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं. वोटों की गिनती शाम 4 बजे वोटिंग खत्म होने के बाद शाम 5 बजे होनी थी, लेकिन 5 घंटे से ज्यादा की देरी के बाद यह प्रक्रिया शुरू हुई. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि उनकी पार्टी के उम्मीदवार बौद्ध ने जीत हासिल की है और उन्होंने इस नतीजे को ‘लोकतंत्र की जीत’ बताया.