लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र में 12 फरवरी 2026 को एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ. एक निजी स्कूल के 12वीं कक्षा के छात्र ने तेज रफ्तार कार से 6 लोगों को रौंद दिया, जिसमें 6 साल के मासूम दीक्षांत पटेल की मौत हो गई, जबकि अन्य 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. आरोपी छात्र को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
ये सारी घटना सड़क पर स्थित सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गयी थी, जिससे आरोपी को पकड़ना आसान हो गया था.
हादसे का पूरा विवरण
शाम करीब 6 बजे कानपुर रोड स्थित हनुमान मंदिर के पास एक स्विफ्ट डिजायर कार ने पहले एक ऑटो रिक्शा को टक्कर मारी. फिर बाइक और पैदल जा रहे लोगों को कुचलते हुए ई-रिक्शा में जा घुसी. हादसे में 5 लोग घायल हो गए जिनमें अरमान (12 वर्ष), अवध बिहारी (42 वर्ष), साधना वर्मा (35 वर्ष), मीना देवी (60 वर्ष) और दीक्षांत पटेल (6 वर्ष) को अस्पताल पहुंचाया गया. दीक्षांत की हालत बिगड़ने पर उसे हायर सेंटर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई. सीसीटीवी फुटेज में कार से होने वाली टक्कर का खौफनाक नजारा कैद हो गया. जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे कार चालक 5 लोगों को रौंदते हुए निकल जाता है. हादसे के बाद चालक ने कार में सवार लड़की को रास्ते में उतार दिया और भाग निकला, लेकिन भागते समय कार का टायर फट गया.
आरोपी छात्र की पहचान
आरोपी गौरव सिंह चौहान (21 वर्ष) उन्नाव जिले के सोहरामऊ थाना क्षेत्र के बल्लू खेड़ा का निवासी है. उसके पिता रविंद्र विक्रम सिंह सरिया सीमेंट के व्यापारी हैं. गौरव एक निजी स्कूल में इंटर का छात्र है. वह फेयरवेल पार्टी से अपनी कथित गर्लफ्रेंड के साथ लौट रहा था. कार उसके दोस्त की थी, जिसे उसने पार्टी के लिए लिया था. पुलिस ने लड़की के बयान के आधार पर रात को ही स्विफ्ट कार बरामद कर ली थी. सुबह गौरव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू हुई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस कार्रवाई और जांच
बंथरा थाना प्रभारी राणा राजेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल भेजा. इसके बाद कार में आरोपी के साथ सवार लड़की से विस्तृत पूछताछ की गई. पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हिट एंड रन और मौत का कारण बनने का मामला दर्ज होगा.
कानपुर लैंबॉर्गिनी कांड के बाद यह घटना सवाल खड़ी कर रही है कि नाबालिग या युवा चालकों पर लगाम क्यों नहीं लग रही. यह हादसा तेज रफ्तार और युवाओं में कार चलाने के प्रति लापरवाही को उजागर करता है. ऐसे खौफनाक हादसों से बचने के लिए जरूरी है कि अच्छी तरह से ट्रेनिंग और ड्राइविंग लाइसेंस मिलने के बाद ही माता-पिता बच्चे को कार ड्राइव करने को दें.