<
Categories: राज्य

पेड़ पर चढ़कर कॉल, पहाड़ पर हाजिरी… इस जगह पर फोन और मैसेज करने को तरसते हैं लोग

झारखंड के चतरा में मोबाइल फोन केवल जेब का बोझ बनकर रह गए हैं. वहां फोन पर बात करने के लिए पेड़ पर चढ़ना पड़ता है. वहीं स्कूलों में टीचर्स को अटेंडेंस लगाने के लिए पहाड़ पर चढ़ना पड़ता है. नेटवर्क की कमी का असर आम लोगों की जिंदगी के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं और बच्चों के भविष्य पर भी पड़ रहा है.

Digital Blackout: एक तरफ देश के लगभग सभी बड़े शहर 5जी की रफ्तार से दौड़ रहे हैं. वहीं बहुत सी जगहें आज भी ऐसी हैं, जहां पर सही से इंटरनेट नहीं पहुंच पाया है. इसके कारण वहां के लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. आज भी बहुत से ग्रामीण इलाकों में कॉल पर बात करने के लिए छत पर जाना पड़ता है और उनके घरों में इंटरनेट तक नहीं आता है. इसी तरह झारखंड का एक चतरा गांव है, जहां पर नेटवर्क आज भी नहीं पहुंच पाए हैं, इंटरनेट तो दूर की बात है. यहां के लोगों को जमीन पर नेटवर्क नहीं मिल पाते. यहां क़ल करने के लिए लोगों को छत पर या घर से बाहर नहीं, बल्कि पेड़ों के ऊपर चढ़ना पड़ता है. यहां के लोगों के लिए फोन कॉल आज भी चुनौती बना हुआ है. 

30 गांव झेल रहे डिजिटल ब्लैकआउट की मार

दरअसल, झारखंड के चतरा के सुदूर गांव में आज भी लोग मोबाइल नेटवर्क के लिए पेड़ों पर चढ़ने को मजबूर हैं. कुंदा प्रखंड के करीब 30 गांव ‘डिजिटल ब्लैकआउट’ की मार झेल रहे हैं.  प्रतापपुर और लावालौंग के कई इलाकों में मोबाइल फोन सिर्फ जेब का बोझ बनकर रह गया है. यहां के हालात इस कदर खराब हैं कि कॉल करने के लिए पेड़ पर चढ़ना पड़ता है. घंटों पहाड़ पर खड़े होकर सिग्नल ढूंढना पड़ता है. 

बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा असर

नेटवर्क की कमी का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है. प्रतापपुर के बामी गांव में शिक्षक को ऑनलाइन हाजिरी लगाने के लिए रोज पहाड़ चढ़ना पड़ता है. अगर सिग्नल मिल गया तो हाजिरी… नहीं मिला तो गैरहाजिर. यानी यहां शिक्षा भी नेटवर्क के भरोसे अधर में लटकी हुई है।

टावर हैं लेकिन नेटवर्क नहीं

इतना ही नहीं, यहां पर स्वास्थ्य सेवाओं की हालत और भी डरावनी है. बीमारी या आपात स्थिति में एंबुलेंस बुलाना आसान नहीं है. फोन करने के लिए पहले पेड़ या ऊंची जगह तलाशनी पड़ती है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि यहां पर बीएसएनएल के टावर मौजूद है लेकिन ये टावर सिर्फ खड़े हैं, काम नहीं करते. ग्रामीणों का कहना है कि वे जब पेड़ पर चढ़ते हैं तभी फोन पर बात हो पाती है. नीचे जमीन पर नेटवर्क नहीं आता.

Deepika Pandey

दीपिका पाण्डेय साल 2020 से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने 2020 में BJMC की डिग्री ली. इसके बाद ही उन्होंने खबर टुडे न्यूज, डीएनपी न्यूज, दैनिक खबर लाइव आदि चैनल्स में एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में काम किया. इसके बाद उन्होंने हरिभूमि वेबसाइट पर काम किया. वर्तमान समय में दीपिका इंडिया न्यूज चैनल में बतौर सीनियर कॉपी राइटर कार्यरत हैं.

Share
Published by
Deepika Pandey

Recent Posts

Petrol Diesel Price Today 5 August: टंकी फुल कराने से पहले जरूर देखें! आपके शहर में जारी हुए पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

Petrol Diesel Price Today: भारत की तीन प्रमुख तेल विपणन कंपनियां‌ (OMCs) इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन…

Last Updated: August 5, 2026 07:57:22 IST

LPG Cylinder Price Today: LPG सिलेंडर बुक करने से पहले जरूर देखें! आपके शहर में क्या है घरेलू गैस सिलेंडर का ताजा रेट?

LPG Prices Today: 1 अगस्त 2026 से बड़े शहरों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG…

Last Updated: August 5, 2026 07:51:46 IST

Commonwealth Games 2026: पाकिस्तान की भयंकर बेइज्जती, टीम होटल से भाग गया खिलाड़ी; कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं बचे शहबाज

Commonwealth Games 2026: पाकिस्तान ओलंपिक एसोसिएशन (POA) के करीबी सूत्रों के मुताबिक, कुदरतुल्लाह कॉमनवेल्थ गेम्स…

Last Updated: August 4, 2026 20:02:41 IST

Sawan Grahan 2026:ग्रहण में भगवान की मूर्ति क्यों नहीं छूते? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

Sawan Grahan 2026: हिंदू धार्मिक परंपरा में, सूर्य और चंद्र ग्रहण से पहले के समय…

Last Updated: August 4, 2026 19:41:15 IST

सिर्फ तिब्बत ही नहीं, भारत में भी हैं भगवान शिव के 4 पवित्र कैलाश, जानें धार्मिक महत्व सहित पूरी डिटेल

India Kailash Mountains Guide: जब भी कैलाश पर्वत का नाम लिया जाता है, तो सबसे…

Last Updated: August 4, 2026 19:44:46 IST

‘डॉक्टरप्रेन्योर 2026’ में 300+ डॉक्टरों की भागीदारी, उद्यमिता को मिली नई दिशा

सूरत में आयोजित ‘डॉक्टरप्रेन्योर 2026’ सम्मेलन को अभूतपूर्व सफलता प्राप्त हुई। गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक…

Last Updated: August 4, 2026 19:37:27 IST