Jharkhand News: झारखंड से एक ऐसा मामला सामने आ रहा है जिसे जानने के बाद आप हैरान रह जाएंग. दरअसल, झारखंड के गढ़वा जिले में एक ऐसी शादी हुई, जिसने पूरे शहर को हैरान कर दिया दिया. ना बैंड-बाजा, ना बारात, ना पंडित, फिर भी शादी पूरी रस्मों के साथ हो गई वो भी बीच सड़क पर. क्या आपने कभी कोई ऐसा किस्सा सुना. चलिए जान लेते हैं कि ऐसा क्या हुआ जो कपल को बीच सड़क पर ही शादी रचानी पड़ी.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दो दिन पहले से, जब गढ़वा प्रशासन और पुलिस ने शहर के कई नामचीन होटलों में छापेमारी की. तो इस दौरान 14 कपल्स को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया, जिनमें से कुछ पर देह व्यापार से जुड़े होने का शक भी शामिल था. जिसके बाद पुलिस सभी को थाने ले आई और आगे की कार्रवाई की तैयारी शुरू हुई. लेकिन तभी कहानी में बड़ा मोड़ आया. चार कपल्स के परिजनों ने पुलिस से गुहार लगाई “जेल मत भेजिए, हम शादी कराएंगे.” बस फिर क्या था, चट मंगनी पट ब्याह वाली कहावत गढ़वा में सच साबित हो गई.
थाने के बाहर सजा मंडप
जैसे ही पुलिस ने बॉन्ड भरवाकर कपल्स को छोड़ा, थाना गेट के बाहर ही सड़क मंडप में बदल गया. इस दौरान प्रेमियों ने बिना देर किए एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और प्रेमिका की मांग में सिंदूर भर दिया. इस दौरान एक प्रेमी ने साफ कहा कि कल तक ये मेरी प्रेमिका थी, अब मेरी पत्नी बन गई है.
ना कोई डीजे, ना बाराती, ना पंडित, फिर भी शादी पूरी हो गई और दुल्हन अपने ‘ससुराल’ के लिए रवाना भी हो गई. इस अनोखी शादी की चर्चा अब गढ़वा के हर चौक-चौराहे पर हो रही है. लोग इसे एक सकारात्मक संदेश के तौर पर देख रहे हैं.
गलत रिश्तों पर लगाम लगाने की पहल
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की पहल से गलत रिश्तों पर लगाम लगेगी और लड़कियों के साथ धोखा करने वालों को सबक मिलेगा गढ़वा पुलिस और प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर लोग तारीफ भी कर रहे हैं, क्योंकि कानून के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी संदेश दिया गया है. हालांकि, इस पूरे मामले ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या ऐसे मामलों में शादी ही एकमात्र समाधान है, या फिर इसके पीछे सामाजिक दबाव भी काम करता है.
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