Khesari Lal Yadav: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है. जहां गरहा में आयोजित ‘बाबू अर्जुन राय मेला’ उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव के कार्यक्रम के दौरान भीड़ अनियंत्रित हो गई. पूर्व मंत्री और भाजपा नेता रामसूरत राय द्वारा आयोजित इस मेले में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मेला सुरक्षा गार्ड को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके जवाब में उग्र भीड़ ने जमकर पत्थरबाजी की. इस हिंसक झड़प में दर्जनों लोगों के चोटिल होने की खबर है.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खेसारी लाल यादव को देखने के लिए क्षमता से अधिक भीड़ उमड़ पड़ी थी. जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ, प्रशंसक मंच के करीब जाने की कोशिश करने लगे.
मामूली कहासुनी ने लिया हिंसक रूप
मेला कमेटी के सुरक्षाकर्मियों और ग्रामीणों के बीच मामूली कहासुनी ने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया. देखते ही देखते ईंट-पत्थर चलने लगे. हंगामे के कारण नेशनल हाईवे (NH) पर करीब 4 घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक तरफ से सुरक्षाकर्मी भीड़ को खदेड़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ से आक्रोशित लोग उन पर पथराव कर रहे हैं. चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल था और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए.
एसएसपी ने क्या कहा?
इस पूरे मामले पर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि आयोजकों की ओर से बड़ी चूक हुई थी. इस पूरे मामले पर एसएसपी ने सख्त रुख अख्तियार किया है. उन्होंने बताया कि मेले के आयोजन के लिए अनुमति ली गई थी, जिसके आधार पर 150 पुलिसकर्मी, चार थानों के प्रभारी और एक डीएसपी को तैनात किया गया था. हालांकि, एसएसपी ने स्पष्ट रूप से आयोजकों पर अव्यवस्था का आरोप लगाया.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि जब भी कोई बड़ा सेलिब्रिटी आता है, तो भीड़ का जुटना तय है. आयोजकों ने भीड़ के अनुपात में पुख्ता इंतजाम नहीं किए थे. मेला कमेटी और जनता के बीच हुई झड़प के वीडियो की जांच की जा रही है. जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है. प्रशासन यह भी जांच रहा है कि क्या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया गया था. इस घटना के बाद स्थानीय इलाके में तनाव का माहौल है और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है. पूर्व मंत्री रामसूरत राय के इस कार्यक्रम में हुई हिंसा ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है.