Rewa News: सरकारी स्कूलों में शिक्षा देने के अलावा बाकी सब होता है; ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि एक वायरल वीडियो में ऐसा ही कुछ दिखाया गया है. यह वीडियो मध्य प्रदेश के रीवा जिले के एक सरकारी स्कूल का बताया जा रहा है.
इस वीडियो में टीचर कान में ईयरफोन लगाकर बात करने में मस्त हैं, और वहीं बगल में खड़ा एक बच्चा उन्हें हाथ वाले पंखे से हवा देता हुआ नजर आ रहा है. यह दृश्य देखकर ऐसा लगता है मानो बच्चा स्कूल पढ़ने के लिए नहीं बल्कि टीचर को पंखा हांकने के लिए स्कूल गया हो.
भावुक कर देगा वायरल वीडियो
यह वीडियो एक स्कूल का है. इस वीडियो में दिखता है कि टीचर फोन पर बात करने में तल्लीन हैं और उनके पास में एक छोटा-सा बच्चा खड़ा हुआ है. वह बच्चा टीचर को हाथ वाले पंखे से हवा कर रहा है. बच्चे की हालत देखकर साफ़ पता चलता है कि वो हवा करते-करते थक गया है, लेकिन टीचर को कोई फर्क नहीं पड़ता है. हालांकि वीडियो में ये भी दिखता है कि टीचर बच्चे के कॉपी भी चेक कर रही होती हैं. जैसे ही वो कॉपी चेक कर लेती हैं तो बच्चा पंखा टेबल पर रखकर अपनी कॉपी लेकर चला जाता है. तो इसका एक पक्ष ये भी हो सकता है कि गर्मी बहुत ज्यादा हो और जिस बच्चे की टीचर कॉपी चेक कर रही हों, उनसे पंखा हंकवा रही हों. लेकिन हर हाल में बच्चों से हवा करवाना गलत है. हालांकि विद्यालय की ओर से इस वीडियो की प्रमाणिकता की कोई पुष्टि नहीं की गयी है.
कान में ईयरफोन, मैम बातचीत में व्यस्त. बच्चा पंखा हांके पड़ा है.
ये शिक्षा व्यवस्था के नाम पर मजाक नहीं तो क्या है. वीडियो मध्य प्रदेश के रीवा जिले के एक सरकारी स्कूल का है. pic.twitter.com/8UEulkb0em
— Priya singh (@priyarajputlive) April 8, 2026
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर अपलोड किया गया था. इस वीडियो को अब तक 6000 से ज्यादा लाइक्स और चार हजार से ज्यादा रीट्वीट मिल चुके हैं. लोगों ने इस वीडियो पर खूब बढ़-चढ़कर कमेंट भी किया है. एक यूजर ने लिखा, “इसीलिये लोग अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में नहीं पढ़ाना चाहते.” कुछ लोगों ने स्कूल की व्यवस्था पर भी सवाल उठाये. एक यूजर ने लिखा, “क्या स्कूल में पंखा भी नहीं है?” कुछ लोगों ने इसे बच्चों का शोषण बताया. हालांकि अभी तक, स्कूल या वीडियो में दिख रहे लोगों के बारे में डिटेल्स कन्फर्म करने के लिए कोई ऑफिशियल जवाब नहीं आया है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सोशल मीडिया पर चल रहे एक वीडियो पर आधारित है. क्लिप और घटना की डिटेल्स की असलियत की इंडिपेंडेंटली पुष्टि नहीं की गई है, और लिखते समय कोई ऑफिशियल कन्फर्मेशन जारी नहीं किया गया है.