<

अधिकारी की गाड़ी से साइकिल टकराने के विवाद में गई नौकरी, फिर बने साधु…27 साल बाद वर्दी में लौटे गिरवर सिंह

CRPF Havildar Girwar Singh Tomar: मुरैना के पूर्व CRPF हवलदार गिरवर सिंह तोमर की जिंदगी एक साइकिल से जुड़ी घटना के बाद पूरी तरह बदल गई थी. नौकरी जाने के बाद उन्होंने साधु जीवन अपना लिया और बाबा गिरवर दास के नाम से पहचाने जाने लगे. 27 साल की कानूनी लड़ाई के बाद अदालत के आदेश पर CRPF ने उन्हें फिर सेवा में बहाल कर दिया. 54 साल की उम्र में वह दोबारा खाकी वर्दी पहनकर 85वीं बटालियन में लौटे.

CRPF Havildar Girwar Singh Tomar: कभी एक मामूली सी साइकिल से जुड़ी घटना ने मुरैना के गिरवर सिंह तोमर की पूरी जिंदगी बदल दी थी. CRPF में हवलदार रहे गिरवर सिंह का दावा है कि जिस घटना के कारण उन्हें नौकरी और वर्दी गंवानी पड़ी, उसमें उनकी साइकिल उनके अधिकारी की गाड़ी से टकराई तक नहीं थी. नौकरी छूटने के बाद उन्होंने घर लौटकर धीरे-धीरे धर्म और अध्यात्म का रास्ता अपना लिया. देखते ही देखते उनकी पहचान एक साधु के रूप में होने लगी और वह बाबा गिरवर दास कहलाने लगे. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. करीब 27 साल तक चली कानूनी लड़ाई के बाद उनकी जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसकी शायद उन्होंने भी कल्पना नहीं की थी. अदालत के आदेश के बाद CRPF ने उन्हें दोबारा सेवा में बहाल कर दिया. अब 54 साल की उम्र में वह फिर उसी फोर्स का हिस्सा बन गए हैं, जिसे कभी मजबूरी में छोड़ना पड़ा था.

साइकिल वाली घटना ने छीन ली नौकरी और वर्दी

मुरैना जिले के छिछावली गांव के रहने वाले गिरवर सिंह तोमर वर्ष 1999 में CRPF में हवलदार थे. इसी दौरान साइकिल से जुड़ी एक घटना के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई हुई और उनकी नौकरी चली गई. तोमर का कहना है कि साइकिल उनके अधिकारी की गाड़ी से टकराई ही नहीं थी, इसके बावजूद उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ा. नौकरी जाने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने अधिकार के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया.

इंसाफ की लड़ाई के बीच बदल गई जिंदगी

नौकरी जाने के बाद गिरवर सिंह की जिंदगी धीरे-धीरे आध्यात्मिक दिशा में बढ़ने लगी. वर्ष 2001 तक वह निर्मोही अखाड़े से जुड़ गए और इसके बाद उन्होंने गेरुआ वस्त्र धारण कर साधु जीवन अपना लिया. वह बाबा गिरवर दास के नाम से पहचाने जाने लगे. एक तरफ उनकी जिंदगी साधना और अध्यात्म में आगे बढ़ रही थी, तो दूसरी ओर अदालत में उनकी नौकरी वापस पाने की लड़ाई जारी थी.

2007 में मिला अदालत से साथ, फिर भी नहीं खत्म हुई लड़ाई

गिरवर सिंह ने 1999 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. करीब आठ साल बाद 2007 में अदालत ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया. हालांकि, इसके बाद CRPF की ओर से फैसले पर रोक हासिल कर ली गई और मामला फिर लंबा खिंच गया. इस तरह नौकरी वापस पाने की उनकी कानूनी लड़ाई करीब 27 साल तक चलती रही. आखिरकार छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 2025 के आदेश के बाद उनकी बहाली का रास्ता साफ हुआ और CRPF ने उन्हें फिर से सेवा में ले लिया.

गेरुआ वस्त्र उतारकर फिर पहनी खाकी

पिछले सप्ताह गिरवर सिंह तोमर दो दशक से ज्यादा समय बाद अपनी बटालियन में वापस पहुंचे. वह CRPF की 85वीं बटालियन से दोबारा जुड़ गए हैं. जिस व्यक्ति ने कभी गेरुआ वस्त्र पहनकर साधु जीवन अपना लिया था, वही अब फिर खाकी वर्दी, कैप और चमचमाते नए ऑक्सफोर्ड जूतों में नजर आया. उनके लिए यह सिर्फ नौकरी पर वापसी नहीं, बल्कि 27 साल लंबे संघर्ष के बाद अपनी पुरानी पहचान को दोबारा हासिल करने जैसा पल था.

साथियों का अपनापन देखकर भावुक हुए गिरवर

लंबे अंतराल के बाद बटालियन में लौटने पर जब उनसे पूछा गया कि फोर्स में उन्हें क्या बदलाव नजर आया, तो उन्होंने अपने पुराने साथियों को याद किया. उन्होंने बताया कि उनके समय के अब सिर्फ एक-दो लोग ही बचे हैं, लेकिन मौजूदा साथी जिस तरह अपनापन और देखभाल दिखा रहे हैं, उससे उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वह कभी फोर्स से गए ही नहीं थे. गिरवर सिंह तोमर की कहानी सिर्फ नौकरी वापस मिलने की कहानी नहीं है. एक तरफ साइकिल से जुड़ी घटना ने उनकी जिंदगी को वर्दी से गेरुआ वस्त्रों तक पहुंचा दिया, वहीं दूसरी तरफ लंबी कानूनी लड़ाई ने उन्हें फिर उसी खाकी वर्दी में ला खड़ा किया. 54 साल की उम्र में CRPF में उनकी वापसी इस बात की मिसाल बन गई है कि कभी-कभी जिंदगी का रास्ता कितना भी लंबा और मुश्किल क्यों न हो, संघर्ष का अंत उम्मीद से भरा हो सकता है.

sharma ranjana

Share
Published by
sharma ranjana

Recent Posts

Lal Krishna Advani Health Update: लालकृष्ण आडवाणी अस्पताल में भर्ती, सीने में संक्रमण की शिकायत, जानें- उनका हेल्थ अपडेट

Lal Krishna Advani Health News: लालकृष्ण आडवाणी को सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद…

Last Updated: October 17, 2026 00:52:30 IST

Gujarat Garba: चेहरे पर चमक, शरीर में ऊर्जा… गुजरात में गरबा से पहले आईवी ड्रिप का बढ़ता ट्रेंड

Gujarat Garba: गुजरात में नवरात्र के दौरान गरबा और डांडिया खेलने से पहले IV ड्रिप…

Last Updated: October 16, 2026 23:37:02 IST

Barnala murder case: खेत में चारा काट रही पत्नी पर कुल्हाड़ी से किया हमला, हत्या के बाद पति ने भी खाया जहर

Barnala murder case: पंजाब के बरनाला में चन्ननवाल गांव के पास खेत में चारा काट…

Last Updated: October 16, 2026 23:06:14 IST

पत्नी की मौत के पीछे छिपा था पारिवारिक विवाद… अदालत में पेश हुए सात गवाह, दोषी पति को उम्रकैद!

Bihar Crime News: बिहार के रोहतास जिले में पत्नी की हत्या करने वाले पति को…

Last Updated: October 16, 2026 22:37:46 IST

हत्या कर निकाली आंखें, प्राइवेट पार्ट काटा, पाइप में छिपाई लाश; करम सिंह हत्या मामले में दो को उम्रकैद

MP Murder: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में हुई करम सिंह हत्या मामले में कोर्ट…

Last Updated: October 16, 2026 21:53:03 IST