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Cyber Fraud Case Gwalior: देश में आए दिन डिजिटल अरेस्ट के केस काफी बढ़ गए है. वहीं ज्यादातर साइबर क्रिमिनल रिटायर्ड लोगों को टारगेट कर रहे हैं. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक डिजिटल अरेस्ट का बड़ा मामला सामने आया है. क्रिमिनल्स ने एक रिटायर्ड एयर फोर्स डॉक्टर को डिजिटली अरेस्ट किया है, जो करीब 25 दिनों से कस्टडी में हैं. उन्होंने सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के ऑफिस में कंप्लेंट की है. ऐसे में चलिए विस्तार से जाने पूरी खबर.
क्या है पूरा मामला?
एक 90 साल के रिटायर्ड डॉक्टर से ₹2.5 करोड़ (लगभग $1.5 करोड़) की ठगी हुई है. डॉक्टर को डिजिटली अरेस्ट किया गया. पीड़ित ने सोमवार को सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के ऑफिस में कंप्लेंट की. पुलिस के मुताबिक, नारायण महादेव ग्वालियर के विंडसर हिल टाउनशिप में रहते हैं. 90 साल के नारायण महादेव एक रिटायर्ड डॉक्टर हैं, जिन्होंने एयर फोर्स में सर्विस दी थी. नारायण महादेव अपनी पत्नी के साथ रहते हैं, और उनके बच्चे विदेश में रहते हैं. 25 जनवरी को नारायण महादेव को एक कॉल आया. कॉल करने वाले ने नारायण महादेव को धमकाते हुए उन पर उनके डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके फ्रॉड करने का आरोप लगाया. कॉल करने वाले ने डॉक्टर को अलग-अलग एजेंसियों से भी डराया, इससे डॉ. नारायण महादेव डर गए. इसके बाद जालसाज ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट में डाल दिया.
घर में कैद कर के रखा
आरोपी ने नारायण महादेव को करीब 25 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और उनके अकाउंट से ₹2.5 करोड़ ट्रांसफर कर लिए. इतनी बड़ी रकम उनके अकाउंट से ट्रांसफर होने के बाद, बैंक मैनेजर ने उन्हें यकीन दिलाया कि उनके साथ फ्रॉड हो रहा है. इसके बाद, नारायण महादेव पुलिस सुपरिटेंडेंट के ऑफिस गए और शिकायत दर्ज कराई. ग्वालियर के पुलिस सुपरिटेंडेंट धर्मवीर सिंह ने बताया कि रिटायर्ड एयरफोर्स ऑफिसर नारायण महादेव के साथ डिजिटल अरेस्ट के जरिए फ्रॉड हुआ है. इसमें शामिल रकम काफी बड़ी है जांच की जाएगी और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने के लिए कार्रवाई की जाएगी.