Live
Search
Home > राज्य > मध्य प्रदेश > KBC में 50 लाख जीतकर कमाया नाम, अब जेल पहुंचीं अमिता सिंह तोमर, जानें क्या है मामला

KBC में 50 लाख जीतकर कमाया नाम, अब जेल पहुंचीं अमिता सिंह तोमर, जानें क्या है मामला

मध्य प्रदेश के श्योपुर में चर्चित महिला तहसीलदार को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन पर ढाई करोड़ रुपये के बाढ़ राहत घोटाले का आरोप है. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत को खारिज कर दिया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है.

Written By: Deepika Pandey
Last Updated: March 26, 2026 22:35:34 IST

Mobile Ads 1x1

Tehsildar Arrested in Sheopur Flood Relief Scam: कौन बनेगा करोड़पति शो से 50 लाख जीतने वाली मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले की महिला तहसीलदार को गिरफ्तार कर लिया गया है. महिला पर श्योपुर की बड़ौदा तहसील में बाढ़ पीड़ितों की राहत के लिए आए धन में ढाई करोड़ घोटाले का आरोप है. इस राहत घोटाले की मुख्य आरोपी तत्कालीन महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को ग्वालियर में उनके आवास से गिरफ्तार किया गया. इसके बाद उन्हें श्योपुर कोर्ट में पेश किया गया. यहां से कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया. 

बता दें कि साल 2021 में मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में बाढ़ आई थी. इस दौरान बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत राशि दी गई थी. आरोप है कि तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर ने लगभग 25 पटवारियों और 100 से ज्यादा दलालों के साथ मिलकर 2.57 करोड़ रुपये फर्जी खातों में ट्रांसफर करा दिए. डिप्टी कलेक्टर ने जब वहां की ऑडिट की, तो ये घोटाला पकड़ा गया. इसके बाद बाढ़ राहत घोटाला मामले में बड़ौदा थाने में FIR दर्ज कराई गई.

परिचितों के खातों में पैसे ट्रांसफर कराने का आरोप

जांच के दौरान आरोप लगाए गए कि बाढ़ राहत राशि वितरण में तहसीलदार और पटवारियों ने अपने रिश्तेदार और परिचितों के खातों में रकम डलवाकर उन्हें बाढ़ पीड़ित दिखा दिया. आरोप लगाया गया कि तहसील कार्यालय के बहुत से कर्मचारी और बिचौलिये इसमें शामिल हैं. पुलिस ने जब मामले की जांच में 100 से ज्यादा लोगों को आरोपी बनाया. इनमें तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर और 25 पटवारियों के नाम भी शामिल हैं. इसी मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

हालांकि अमिता तोमर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए काफी कोशिश की. पहले उन्होंने ग्वालियर हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की. इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में भी अग्रिम जमानत याचिका दायर की. हालांकि दोनों ही कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया. बता दें कि उन्हें गिरफ्तारी के एक दिन पहले ही विजयपुर तहसीलदार के पद से हटा दिया गया था. इसके अगले दिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

केबीसी में जीते थे 500 लाख 

बता दें कि महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर ने साल 2011 में केबीसी के पांचवें सीजन में 0 लाख रुपये जीते थे. पिछले साल उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रशासन की कार्रवाई पर विवादित पोस्ट डाला था. इसके अलावा संविधान से जुड़ी एक पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट किया था, जिसके कारण उन्हें निलंबित किया जा चुका है.

MORE NEWS

Home > राज्य > मध्य प्रदेश > KBC में 50 लाख जीतकर कमाया नाम, अब जेल पहुंचीं अमिता सिंह तोमर, जानें क्या है मामला

Written By: Deepika Pandey
Last Updated: March 26, 2026 22:35:34 IST

Mobile Ads 1x1

Tehsildar Arrested in Sheopur Flood Relief Scam: कौन बनेगा करोड़पति शो से 50 लाख जीतने वाली मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले की महिला तहसीलदार को गिरफ्तार कर लिया गया है. महिला पर श्योपुर की बड़ौदा तहसील में बाढ़ पीड़ितों की राहत के लिए आए धन में ढाई करोड़ घोटाले का आरोप है. इस राहत घोटाले की मुख्य आरोपी तत्कालीन महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को ग्वालियर में उनके आवास से गिरफ्तार किया गया. इसके बाद उन्हें श्योपुर कोर्ट में पेश किया गया. यहां से कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया. 

बता दें कि साल 2021 में मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में बाढ़ आई थी. इस दौरान बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत राशि दी गई थी. आरोप है कि तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर ने लगभग 25 पटवारियों और 100 से ज्यादा दलालों के साथ मिलकर 2.57 करोड़ रुपये फर्जी खातों में ट्रांसफर करा दिए. डिप्टी कलेक्टर ने जब वहां की ऑडिट की, तो ये घोटाला पकड़ा गया. इसके बाद बाढ़ राहत घोटाला मामले में बड़ौदा थाने में FIR दर्ज कराई गई.

परिचितों के खातों में पैसे ट्रांसफर कराने का आरोप

जांच के दौरान आरोप लगाए गए कि बाढ़ राहत राशि वितरण में तहसीलदार और पटवारियों ने अपने रिश्तेदार और परिचितों के खातों में रकम डलवाकर उन्हें बाढ़ पीड़ित दिखा दिया. आरोप लगाया गया कि तहसील कार्यालय के बहुत से कर्मचारी और बिचौलिये इसमें शामिल हैं. पुलिस ने जब मामले की जांच में 100 से ज्यादा लोगों को आरोपी बनाया. इनमें तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर और 25 पटवारियों के नाम भी शामिल हैं. इसी मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

हालांकि अमिता तोमर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए काफी कोशिश की. पहले उन्होंने ग्वालियर हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की. इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में भी अग्रिम जमानत याचिका दायर की. हालांकि दोनों ही कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया. बता दें कि उन्हें गिरफ्तारी के एक दिन पहले ही विजयपुर तहसीलदार के पद से हटा दिया गया था. इसके अगले दिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

केबीसी में जीते थे 500 लाख 

बता दें कि महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर ने साल 2011 में केबीसी के पांचवें सीजन में 0 लाख रुपये जीते थे. पिछले साल उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रशासन की कार्रवाई पर विवादित पोस्ट डाला था. इसके अलावा संविधान से जुड़ी एक पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट किया था, जिसके कारण उन्हें निलंबित किया जा चुका है.

MORE NEWS