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‘ना पंखा, ना लाइट’, MP के उच्च शिक्षा मंत्री 2 साल से 1 घंटे बिना बिजली के क्यों रहते है? जानें क्या है उनकी अनोखी पहल के पीछे छुपा राज़

Inder Singh Parmar on Electricity Saving Campaign: MP के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार रोजना 1 घंटा अंधेरे में रहते है, उनकी इस अनोखी पहल के पीछे क्या राज छुपा है, आइए जानें.

Written By: shristi S
Last Updated: 2025-12-13 15:47:49

Inder Singh Parmar Unique Initiative For Environment: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार (Inder Singh Parmar) ने पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनोखी पहल की शुरूआत की है. गर्मी हो या सर्दी वह रोजना करीब 1 घंटा बिना बिजली के अंधेरे में रहते है. जी हां, सही सुना आपने 1 घंटे पूरा बिना बिजली पंखे के 1 घंटा अंधेरे में रहना कोई आम बात नहीं है, खासतौर पर एक नेता के लिए. लेकिन इंदर सिंह परमार ने इस काम को संभव कर दिखाया है. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें कि वह हर रोज अंधेरे में कब रहते है और इस पहल के पीछे उनका मकसद क्या है.

किस वक्त अंधेरे में रहते है मंत्री इंदर सिंह परमार?

जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के भोपाल स्थित उनके सरकारी आवास और विधानसभा क्षेत्र के उनके अपने घर में हर दिन करीब 1:30 बजे से लेकर 2:30 बजे तक मेन लाइट स्विच बंद रहती है और मंत्री पूरे 1 घंटे तक बिना बिजली के रहते है. यह काम करते-करते उन्हें करीबन 2 साल हो चुके है. चाहे तपती गर्मी हो, बारिश हो या फिर कड़ाके की ठंड हो वह इस नियम का पालन करते है. भीषण गर्मी में भी वह रोजना 1 घंटे बिना पंखे और लाइट के बैठते है.

इस पहल पर मंत्री इंदर सिंह परमार का क्या कहना है?

इस खास पहल पर मंत्री इंदर सिंह परमार का इस बारे में यह मानना है कि उनकी इस पहल से बिजली और पर्यावरण दोनों का संरक्षण होगा. उन्होंने बताया कि उन्हें यह पहल करते करते 2 साल हो चुके है और उनकी इस खास पहल से ग्लोबल वॉर्मिंग जैसी स्थिती पर अंकुश लगाया जा सकता है. क्योंकि जब हम बिजली का इस्तेमाल करते है तो उसे जो हीट निकलती है, जो कार्बन निकलता है वह काफी खतरनाक होता है, जो हमारे पर्यावरण के लिए ठीक नहीं है. ग्लोबल वॉर्मिग (Global Warming) जैसे संकठ जो हमारे ऊपर आते है, उसके लिए नागरिक के तौर पर हमारा योगदान इस पहल पर है.

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‘ना पंखा, ना लाइट’, MP के उच्च शिक्षा मंत्री 2 साल से 1 घंटे बिना बिजली के क्यों रहते है? जानें क्या है उनकी अनोखी पहल के पीछे छुपा राज़

Inder Singh Parmar on Electricity Saving Campaign: MP के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार रोजना 1 घंटा अंधेरे में रहते है, उनकी इस अनोखी पहल के पीछे क्या राज छुपा है, आइए जानें.

Written By: shristi S
Last Updated: 2025-12-13 15:47:49

Inder Singh Parmar Unique Initiative For Environment: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार (Inder Singh Parmar) ने पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनोखी पहल की शुरूआत की है. गर्मी हो या सर्दी वह रोजना करीब 1 घंटा बिना बिजली के अंधेरे में रहते है. जी हां, सही सुना आपने 1 घंटे पूरा बिना बिजली पंखे के 1 घंटा अंधेरे में रहना कोई आम बात नहीं है, खासतौर पर एक नेता के लिए. लेकिन इंदर सिंह परमार ने इस काम को संभव कर दिखाया है. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें कि वह हर रोज अंधेरे में कब रहते है और इस पहल के पीछे उनका मकसद क्या है.

किस वक्त अंधेरे में रहते है मंत्री इंदर सिंह परमार?

जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के भोपाल स्थित उनके सरकारी आवास और विधानसभा क्षेत्र के उनके अपने घर में हर दिन करीब 1:30 बजे से लेकर 2:30 बजे तक मेन लाइट स्विच बंद रहती है और मंत्री पूरे 1 घंटे तक बिना बिजली के रहते है. यह काम करते-करते उन्हें करीबन 2 साल हो चुके है. चाहे तपती गर्मी हो, बारिश हो या फिर कड़ाके की ठंड हो वह इस नियम का पालन करते है. भीषण गर्मी में भी वह रोजना 1 घंटे बिना पंखे और लाइट के बैठते है.

इस पहल पर मंत्री इंदर सिंह परमार का क्या कहना है?

इस खास पहल पर मंत्री इंदर सिंह परमार का इस बारे में यह मानना है कि उनकी इस पहल से बिजली और पर्यावरण दोनों का संरक्षण होगा. उन्होंने बताया कि उन्हें यह पहल करते करते 2 साल हो चुके है और उनकी इस खास पहल से ग्लोबल वॉर्मिंग जैसी स्थिती पर अंकुश लगाया जा सकता है. क्योंकि जब हम बिजली का इस्तेमाल करते है तो उसे जो हीट निकलती है, जो कार्बन निकलता है वह काफी खतरनाक होता है, जो हमारे पर्यावरण के लिए ठीक नहीं है. ग्लोबल वॉर्मिग (Global Warming) जैसे संकठ जो हमारे ऊपर आते है, उसके लिए नागरिक के तौर पर हमारा योगदान इस पहल पर है.

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