Rewa: कांग्रेस के एक विधायक ने संजय गांधी स्मृति अस्पताल के मुर्दाघर को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनके वायरल वीडियो ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा
Rewa, Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में संजय गांधी स्मृति अस्पताल के कामकाज को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने अस्पताल के मुर्दाघर को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से राजनीतिक बहस छिड़ गई है.
मिश्रा ने दावा किया कि शवगृह में महिलाओं के शवों के पोस्टमार्टम के दौरान भयावह घटनाएं घटित होती हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि “सुंदर महिलाओं” के शवों के साथ यौन दुर्व्यवहार किया जाता है, जबकि उनके रिश्तेदार बाहर इंतजार करते रहते हैं. ये आरोप बेहद गंभीर हैं. हालांकि, फिलहाल इन दावों की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
मिश्रा ने संजय गांधी स्मृति अस्पताल में कथित कुप्रबंधन के विरोध प्रदर्शन में भाग लेते हुए ये आरोप लगाए. विधायक के अनुसार, अक्सर परिजनों को अस्पताल के बाहर इंतजार करना पड़ता है जबकि उनके रिश्तेदारों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मुर्दाघर के अंदर रखा जाता है.
संजय गांधी अस्पताल रीवा में सुंदर महिला की डेड बॉडी के साथ रेप किया जाता है…
कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा pic.twitter.com/weNQfTx6rN
— Romita Tiwari (@romita_tiwari) September 9, 2026
उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान शवों के साथ “गलत कृत्य” किए जाते हैं. मिश्रा के आरोपों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस बयान ने अस्पताल से जुड़े विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है. हालांकि, विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों और उनके द्वारा बताई गई घटनाओं की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है.
यह ताजा विवाद अस्पताल से जुड़े एक पुराने विवाद के बीच सामने आया है. संजय गांधी स्मृति अस्पताल में प्रसव के दौरान एक महिला और उसके बच्चे की कथित तौर पर मौत हो गई थी. इस घटना के बाद परिवार ने अस्पताल अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया. इस मामले ने विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया और अस्पताल के कामकाज को लेकर जनता का गुस्सा बढ़ता गया.
विवाद के बाद अस्पताल के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई. दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग स्टाफ को निलंबित कर दिया गया. अस्पताल के डीन और अधीक्षक को भी उनके पदों से हटा दिया गया. घटना की मजिस्ट्रियल जांच फिलहाल जारी है.
मिश्रा अस्पताल की कथित कमियों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में शामिल हुए. विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने मुर्दाघर का मुद्दा उठाया और विवादित आरोप लगाए. उनके ये बयान अब एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर चुके हैं. वायरल वीडियो के कारण अस्पतालों के मुर्दाघरों की सुरक्षा, निगरानी और कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चाएं छिड़ी हुई हैं. ऐसे स्थानों पर सख्त प्रक्रियाएं लागू होती हैं, खासकर जब शवों को पोस्टमार्टम के लिए रखा जाता है.
हालांकि, कांग्रेस विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों को तब तक स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए जब तक कि किसी जांच या विश्वसनीय साक्ष्य द्वारा उनका समर्थन न किया जाए. अभी तक अस्पताल प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से मिश्रा के शवगृह संबंधी आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. इससे ये दावे विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों तक ही सीमित रह जाते हैं.
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